WhatsApp दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक है। लेकिन WhatsApp पर एक मैसेज आ रहा है जो काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इंटरनेट के बढ़ते यूज की वजह से साइबर चोरी के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। इस वजह से हैकर्स के पास लोगों के पैसे लूटने के कई सारे जरिए हैं, जिनमें से एक आम जरिया वॉट्सएप भी है। ऐसे हम आपको एक वॉट्सएप यूजर की सतर्कता के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे उसने अपने 90 हजार रुपये बचाए।

आजकल वॉट्सएप ऑनलाइन फ्रॉड्स का एक बहुत कॉमन जरिया बन चुका है। क्योंकि हाल ही में, इंग्लैंड के रहने वाले एक नागरिक, माइकल ग्रिफिथ्स ने अपनी चालाकी और सूझबूझ से अपने 90 हजार रुपये बचा लिए।

यह कहानी एक वॉट्सएप मैसेज से शुरू हुई। जो माइकल नाम के पास एक अनजान नंबर से आया और मैसेज में लिखा था कि ये मैसेज उनकी सौतेली बेटी, सोफी कर रही है क्योंकि सोफी का फोन खो गया है। माइकल ने नंबर को सेव करते हुए मैसेज भेजने वाले की बात मान ली। फिर इस नंबर से कुछ और मैसेजेज के बाद एक और मैसेज आया कि ‘सोफी’ को एक बिल का पेमेंट करना है और नए फोन में बैंक डिटेल्स नहीं है इसलिए माइकल पैसे दे दें।

यह विश्वास करते हुए कि वो उनकी बेटी ही है, माइकल ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए अपनी बेटी से बैंक डिटेल्स मांगे। सामने वाले नंबर से जब नए बैंक डिटेल्स और साथ में यह मैसेज आया कि एक नया बैंक अकाउंट बनाया गया है। यहां माइकल को डाल में कुछ काला लगा और फिर उन्होंने खोए हुए नंबर को ढूंढने के लिए फोन मिलाने का सुझाव दिया। इस सुझाव पर हैकर ने घबराकर मैसेज किया कि फोन की बैटरी डेड है इसलिए ऐसा करने का कोई फायदा नहीं होगा।

हैकर इस वॉट्सएप स्कैम को जारी रखने की पूरी कोशिश कर रहा था और फिर उसने माइकल को मैसेज किया कि वो करीब 900 पाउन्ड अगले 30 मिनट के अंदर ट्रांसफर कर दें। इस मैसेज पर माइकल ने अपनी ‘बेटी’ का मिडल नेम पूछा जिससे हैकर घबरा गया। जब हैकर ने पूछा कि आप ये सवाल क्यों पूछ रहे हैं तो माइकल ने कहा कि पैसे भेजने से पहले मैं कन्फर्म करना चाहता हूं कि तुम मेरी बेटी ही हो या नहीं। माइकल के इस मैसेज पर हैकर ने हार माँ ली और फिर दोबारा मैसेज नहीं किया।

ऐसे में अब माइकल की कहानी एक मिसाल है जिससे हम सबको सीखना चाहिए कि ऑनलाइन फ्रॉड्स किसी के साथ भी हो सकते हैं और इनसे बचने के लिए हमें अपना दिमाग, आंख और कान सब खुला रखना चाहिए।