मानसून के मौसम में हड्डियों को ज्यादा चोट लगती है, जो सामान्य कामकाज को मुश्किल बना देती है। क्योंकि जोड़ का दर्द और बदलते मौसम के बीच संबंध होता है। ठंड का मौसम आपके जोड़ों के लिए मुश्किल हो सकता है।

मानसून में कई लोगों को जोड़ का दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और चोट दर्द का अनुभव होने लगता है क्योंकि नमी लेवल में बदलाव, वायु दाब, तापमान में अचानक परिवर्तन आता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नमी का अत्यधिक लेवल ब्लड को मोटा कर सकता है, रक्त वाहिकाओं में ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है और ब्लड पंप करने के लिए शरीर के काम को मुश्किल बना सकता है।

नमी वाले दिन डिहाइड्रेशन भी पैदा कर सकते हैं, जिसके नतीजे में जोड़ों के आसपास तरल का जमाव कम और दर्द बदतर होता है। उससे ज्यादा ये फैक्टर गठिया के दर्द को भी खराब कर सकते हैं। लोगों की बड़ी संख्या, विशेषकर 60 साल से ऊपर को जोड़ों के दर्द और जकड़न की शिकायत होती है। इस तरह, दर्द को नजरअंदाज करने के बजाए उसे नियंत्रिण करना जरूरी हो जाता है। ये मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द को राहत देने का एक सबसे अच्छा तरीका है।
जोड़ों पर आहिस्ता से तेल का प्रभावित क्षेत्र पर मसाज करना, इससे सर्कुलेशन भी बढ़ेगा।
एयर कंडीशनर की जोड़ या हड्डी की समस्याओं वाले लोगों को सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि ये दर्द को और ज्यादा कर सकता है।
व्यायाम जोड़ों में दर्द और कठोर मांसपेशियों के लिए वरदान साबित हो सकता है।
सुबह में टहलना न भूलें, मांसपेशियों को फैलाएं, योग करें, पैर का व्यायाम करें या अच्छे जोड़ों को आकार में रखने के लिए साइकिलिंग करें।
विटामिन ई जोड़ दर्द वाले के लिए वरदान हो सकता है। ये एक एंटीऑक्सीडेंट है जो लड़ता है और शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाता है।
विटामिन ई दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद कर सकता है। नट्स, हरी सब्जियां, सीड्स और मछलियां उसके अच्छे स्रोत हैं।
साबुत अनाज, बादाम, अखरोट, फल का खाना न भूलें. अचार, मिठाई, केक, पेस्ट्री, कृत्रिम मिठास के इस्तेमाल से परहेज करें।
कोला, सोडा, ऑयली, प्रोसेस्ड और डिब्बा बंद भोजन आपके दर्द को बदतर कर सकते हैं। गर्म सूप शरीर में सूजन को कम कर सकता है।
पीने का पानी आपको हाइड्रेटेड रहने, दर्द कम करने और जोड़ के लोच को सुधारने में मदद कर सकता है।
शरीर में पानी का जमाव और सूजन को नियंत्रित करने के लिए सोडियम के सेवन में कटौती लाएं।
कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर डाइट आपकी सेहत के लिए जादुई असर कर सकती है।
विटामिन डी और बी12 के अभाव का नतीजा सुन्नता, जोड़ का दर्द और सिहरन की अनुभूति भी हो सकती है।