केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वी. मुरलीधरन की ओर से आरोप लगाया है कि पश्चिम मिदनापुर जिले में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा उनके काफिले पर हमला किया गया। इसके बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भगवा पार्टी पर बंगाल में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। ममता ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार पर अनुचित दबाव डालने का आरोप लगाया है।

राज्य सचिवालय नबन्ना में एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, बनर्जी ने कहा, एक मंत्री लोगों को भडक़ाने की कोशिश कर रहा है। कुछ छिटपुट घटनाएं चुनावों के बाद होती हैं और यह स्वाभाविक है, लेकिन भाजपा नीत केंद्र सरकार हिंसा को लेकर पूरी बात को भुनाने की कोशिश कर रही है। बनर्जी ने यह भी कहा कि भाजपा नेतृत्व को खुद को नियंत्रित करना चाहिए और लोगों के जनादेश को स्वीकार करना चाहिए। राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के लिए प्रत्येक को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कुल मिलाकर 16 लोग मारे गए हैं। उनमें से आधे भाजपा के हैं, एक आईएसएफ का है और बाकी हमारे पार्टी के हैं। सभी दलों के लोग मारे गए हैं और मुझे उनके लिए वास्तव में खेद है। लेकिन भाजपा जो कर रही है वह स्वीकार्य नहीं है।

केंद्र सरकार पर राज्य सरकार पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, मैंने बुधवार सुबह 11 बजे शपथ ली और शाम को उन्होंने एक पत्र भेजा और अगले दिन उन्होंने एक केंद्रीय टीम भेजी। वे इतनी जल्दी में क्यों हैं। ममता ने कहा, जब ऑक्सीजन, टीके, आपातकालीन दवाएं जैसी जरूरी आपूर्ति की बात आती है तो मैं इस तरह की त्वरित प्रतिक्रिया नहीं देखती हूं। वे तब अपनी टीमें नहीं भेजते। वे अपनी हार स्वीकार नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोविद की स्थिति को नियंत्रित करना उनकी प्राथमिकता है और वह राज्य के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मेरे पास अब भाजपा के साथ लडऩे का समय नहीं है। चुनाव समाप्त हो गए हैं। मैं एक बात स्पष्ट करना चाहती हूं कि जो कोई भी राज्य में आता है, उसे आरटी पीसीआर परीक्षण करवाना होगा। मैं राज्य में किसी को भी इसके बिना अनुमति नहीं दूंगी। उन्होंने कहा, यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री या एक चार्टर्ड फ्लाइट से आने वाले एक व्यापारी को भी एक मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ आना होगा और मैं इसके बिना किसी को भी आने की अनुमति नहीं दूंगी। अगर व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि मैं गरीब लोगों के लिए सब कुछ करूंगी, लेकिन जिनके पास पैसा है, उनके लिए नहीं करूंगी। कोविड की स्थिति पर बोलते हुए, बनर्जी ने सभी को अगले 14 दिनों तक सुरक्षित रहने के लिए आगाह किया।