पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी की सालों से बंगाल पर राज कर रही है। ममता के अलावा यहां और पार्टियों को कम ही मौका मिलता है। इसी पर बीजेपी एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा रही है, पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने की। भाजपा का मिशन बंगाल में ममता बनर्जी का तख्तापलट करना है। इस कड़ी में भाजपा के स्टार प्रचारक और कट्टर भगवा ब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बंगाल विधानसभा चुनाव के मैदान में उतार चुके हैं।


पहली बार सीएम योगी आदित्यनाथ बंगाल के मालदा में हिंदू वोटों को एकजुट करने की अपनी मुहिम का शंखनाद करेंगे। भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सियासी किले तोड़ने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा की पश्चिम बंगाल में योगी की सबसे बड़ी चुनावी रैली होगी। पीएम नरेंद्र मोदी के बाद पार्टी के सबसे बड़े स्टांर प्रचारक सीएम योगी आदित्यनाथ है।


जानकारी के लिए बता दें कि बिहार और हैदराबाद में योगी आदित्यनाथ की रैलियों से मिली सफलता को पार्टी अब पश्चिम बंगाल में दोहराने की फिराक में है। सीएम योगी ने बिहार चुनाव में आतंक, अपराध और भ्रष्टा चार पर आक्रामक प्रहार करते हुए योगी ने इनमें से 50 सीटों पर एनडीए के उम्मीीदवारों को जीत दर्ज करा दी। योगी की रैलियों से कोरोना के दौरान पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों की दशा, लव जिहाद, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और राम मंदिर निर्माण का मुद्दा पश्चिम बंगाल के सियासी पारे को नए पैमाने पर ले जाना विचार बनाया रहा है।


कट्टर छवि वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में गुंडे-माफिया पर सख्त कार्रवाई, लव जिहाद रोकने के लिए कानून, दंगाइयों की संपत्ति जब्त कर वसूली जैसे फैसले भारत में योगी एक सख्त प्रशासक बने हैं। यही कारण है कि देशभर में कहीं भी चुनाव हो, स्टार प्रचारक के रूप में उनकी बेहद मांग रहती है। संवेदनशील पश्चिम बंगाल में भाजपा सीएम योगी को हिंदुत्व वोटों के ध्रुवीकरण के लिए उतारा जा रहा है। पता चला है कि बंगाल में बीजेपी की रणनीति योगी मॉडल के जरिए ममता बनर्जी को चौतरफा घेरने की है।