केंन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दार्जिलिंग हिल्स के लोगों को आश्वासन दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) का स्थायी राजनीतिक समाधान निकालने के लिए उत्सुक है। उन्होंने लोगों से वादा किया कि बंगाल में एक बार डबल इंजन की सरकार सत्ता में आयी तो पर्वतीय लोगों के लिए 600 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना और चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन की जाएगी। 

शाह ने लेबोंग रेस कोर्स मैदान पर चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य के किसी भी गोरखा और नेपाली को निकाला नहीं जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद पर्वतीय इलाकों में त्वरित विकास की योजनाओं की झड़ी लग जाएगी। इसके अलावा पर्वतीय लोगों के लिए 600 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना लायी जाएगी, चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन की जाएगी तथा पर्वतीय इलाकों में मौजूदा सिनकोना बागान के कायाकल्प के लिए एक औषधीय केंद्र (पार्क) स्थापित किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि नेपाल, भूटान और बंगलादेश सहित विदेशों से आए छात्रों के रूप में विश्व स्तर के शैक्षिक केंद्र को पुनर्गठित करने के लिए ध्यान दिया जाना है। दार्जिलिंग पर्वतीय इलाकों में अध्ययन करने और उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। शाह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने में रुचि है और उन्होंने पिछले 10 साल तक विकास से लोगों को वंचित रखा है। उन्होंने तृणमूल सु्प्रीमो की आचोलना करते हुए कहा कि दीदी (सुश्री बनर्जी) ने अपने निहित स्वार्थ के लिए पर्वतीय लोगों को विभाजित करके रखा। उन्होंने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लागू करने की किसी भी संभावना से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार गोरखा/ नेपाली पर एनआरसी के बारे में झूठ फैला रही है ताकि उनके बीच भय का माहौल बना रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसी भी गोरखा और नेपाली को यहां से नहीं निकाला जाएगा, ये लोग भारतीय सीमाओं की रक्षा में सेवारत हैं। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर से गोरखा/नेपाली पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र में मोदी सरकार है, तब तक किसी भी गोरखा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। एनआरसी अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन जब भी यह लागू किया गया तो एक भी गोरखा को देश छोड़ने के लिए नहीं कहा जाएगा। उन्होंने गोरखा को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्वतीय इलाकों में भाजपा का गोरखाओं के साथ स्वाभाविक गठबंधन है। उन्होंने सभी से भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के लिए आग्रह किया जो यहां पर्वतीय और संगठनों को मजबूती प्रदान करता है।