पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि वह केन्द्रीय बलों के दुस्साहस को देखकर स्तब्ध और बहुत दुखी हैं। बनर्जी ने उत्तरी 24 परगना जिले में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, आज मैंने सुना कि केन्द्रीय बलों ने चार लोगों को गोली मारी है। वे मतदाता थे और मतदान के लिए कतार में खड़े थे। केन्द्रीय बल मेरे दुश्मन नहीं हैं लेकिन वे गृह मंत्री अमित शाह के आदेश का पालन कर रहे हैं। वह लोगों को साजिश रच कर मार रहे हैं। यह अत्याचार क्यों हो रहा है, क्योंकि बंगाल में भाजपा चुनाव हार रही है। 

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री शाह को यह बताना होगा कि राज्य में चौथे चरण के मतदान के दौरार कूचबिहार के शीतलकुची में केन्द्रीय बलों ने पांच लोगों को क्यों मारा। बनर्जी ने कहा कि इतने लोगों की मौत होने पर चुनाव आयोग कह रहा है कि केन्द्रीय बलों ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलायी। उन्हें शर्म आनी चाहिए। यह सरासर झूठ है। तृणमूल राज्य सभा सांसद डोला सेन ने कहा, हमने पांच नागरिकों को खो दिया है। यह बहुत दुखद है। हम चाहते हैं कि केंद्रीय बलों को इस तरह के कृत्य से रोका जाना चाहिए। 

तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर इस घटना को अंजाम देने के लिए सीआईएसएफ के जवानों को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने इन घटनाओं में चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है उन्होंने कहा, सुबह से ही भाजपा के शरारती तत्वों ने लोगों को मतदान करने से रोक रखा है, सीआरपीएफ ने मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रभावित किया। यह घटना शीतलकुची के माताभंगा एक ब्लॉक के मतदान केन्द्र संख्या 126 में हुई। जब तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पूछा कि लोगों को मतदान क्यों नहीं करने दिया जा रहा तो भाजपा के शरारती तत्वों ने अराजकता को माहौल बनाते हुए उन पर हमला कर दिया। इसी को देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने गोली चला दी जिसमें तृणमूल के पांच कार्यकर्ताओं की जान चली गयी। 

बयान में कहा गया, यह बहुत दुखद है कि चुनाव आयोग अभी तक भी इस नृशंस हमले पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। हम इस हत्या के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हैं। यह बहुत शर्मनाक वाकया है कि वर्दी पहने जवान गुडों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।