पश्चिम बंगाल में शनिवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शाम 5 बजे तक लगभग 77.99 फीसदी मतदान हुआ। एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों के बाहर मतदान शुरू होने से पहले लम्बी कतारें देखी गईं। 

तेज गर्मी के बावजूद मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान कर रहे हैं। राज्य में इक्का-दुक्का हिंसा की घटनाओं को छोड़कर अन्य स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक कमोवेश मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चला। हालांकि कुछ क्षेत्रों से हिंसा की कुछ छिट-पुट घटनाएं सामने आई हैं। 

तृणमूल ने आरोप लगाया कि वोटिंग मशीनों को कुछ स्थानों पर ‘फिक्स्ड’ किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, टीएमसी यह जानती है कि वह चुनाव हार रही है और इसलिए वह इस तरह के आरोप लगा रही है। ऐसी शिकायतों के लिए टीएमसी को चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए। इससे पहले तृणमूल ने दावा किया कि लोग हमारे हक में मतदान कर रहे हैं लेकिन उनकी वोट वीवीपेट मशीन पर भाजपा चुनाव चिह्न पर वोट पड़ना दर्शा रही है। 

इस पर तृणमूल कांग्रेस ने ट्विटर पर चुनाव आयोग पर सवालिया निशान उठाया है कि मतदान के पांच मिनट के भीतर मतदान प्रतिशत कैसे घटकर आधा रह सकता है। उन्होंने कहा कि यह कैसे हो रहा है। चुनाव आयोग क्या बता सकता है कि मात्र पांच मिनट के अंतराल में मतदान प्रतिशत कैसे घटकर आधा रह सकता है। यह आश्चर्यचकित करने वाला मामला है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी शीघ्र इसका संज्ञान लें।