बॉलीवुड के सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल चुनावों के बीच कूद पड़े हैं। जी हां, बंगाल में चुनावी माहौल के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात की हैं। दोनों के बीच ये मुलाकात मुंबई में हुई है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार सुबह खुद मुंबई स्थित मिथुन चक्रवर्ती के घर पहुंचे। दोनों के बीच ये मुलाकात सुबह सवेरे हुई है।

खबर है कि मिथुन ने नागपुर जाकर जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी, तब उन्हें मुंबई में अपने घर आने का न्योता दिया था। अब जबकि बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी चेहरे की तलाश में है तो ऐसे में आरएसएस प्रमुख की मिथुन से मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, मिथुन ने इस तरह की अटकलों को खारिज किया है।मोहन भागवत से मुलाकात पर मिथुन चक्रवर्ती ने सफाई देते हुए कहा कि उनसे मेरा आध्यात्मिक जुड़ाव है, मेरी उनसे लखनऊ में मुलाकात हुई थी और बाद में मैंने उनसे निवेदन किया था कि वो जब भी मुंबई आएं तो हमारे घर आएं। मिथुन ने कहा कि इस मीटिंग को लेकर अटकलें न लगाएं, वैसा अभी कुछ नहीं है।गौरतलब है कि बंगाल की मिट्टी में जन्म लेने वाले मिथुन दा के प्रोफाइल में डिस्को डांसर से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता तक का तजुर्बा शामिल है। वो राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि तृणमूल कांग्रेस ने ही उन्हें राज्यसभा भेजा था। लेकिन शारदा घोटाले की आंच आने के बाद दो साल तक राज्यसभा सदस्य रहे मिथुन ने इस्तीफा दे दिया था।अब जबकि बंगाल में चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं और बीजेपी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोकल फेस तलाश रही है तो ऐसे में मिथुन से आरएसएस प्रमुख की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा हैं। अब तक बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली को लेकर सियासी अटकलें लगाई जाती रही हैं, लेकिन जबसे उन्हें हार्ट अटैक आया है तब से गांगुली का नाम राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है।दूसरी तरफ बीजेपी लगातार ये दावे कर रही है कि बंगाल के चुनाव में वो बंगाल का चेहरा ही सामने रखेंगे। ममता बनर्जी के शासन को उखाड़ फेंकने का दावा करने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ये कह चुके हैं कि बीजेपी बंगाल की मिट्टी के नेता को ही कमान सौंपेगी। यही वजह है कि बंगाल की राजनीति में हाशिये पर रहने वाली बीजेपी इस चुनाव में जब पूरी ताकत के साथ उतर रही है तो उसे एक चेहरे की भी तलाश जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। भागवत से मुलाकात के बाद मिथुन ने भी कह दिया है कि वैसा कुछ नहीं है।