पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और बयानबाजी का घमासान मचा हुआ है। आयोग एक के बाद एक नेता को नोटिस और चेतावनी दे रहा है। लेकिन फिर भी घमासान हो रहा है। चुनाव की जंग जैसे जैसे खत्म होने की कगार पर आ रही है। राजनीतिक दलों को हार जीत के जाल में फंस कर कई चुनाव प्रोटोकॉल को तोड़ रहे हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने टीएमसी प्रमुख और मुख्यचमंत्री ममता बनर्जी को 24 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है।

अब चुनाव आयोग ने बीजेपी नेता राहुल सिन्हा के खिलाफ भी एक्शन ले रहे हैं। बयानबाजी की घहमाघमी में आयोग ने सिन्हा पर 48 घंटे तक चुनाव प्रचार की रोक लगा दी है। आयोग ने सिन्हा पर सशस्त्रे बलों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में 48 घंटे तक चुनाव प्रचार पर बैन लगा दिया है। इसी तरह के बंगाल के चुनावी रण में ममता बनर्जी और राहुल सिन्हा के आयोग ने हाथ बांध दिए हैं।

 


इसी कड़ी में चुनाव आयोग ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भी कार्यवाही की है। आयोग ने शुभेंदु अधिकारी को चेतावनी दी और दिलीप घोष को नोटिस भेजा है। शुभेंदु अधिकारी पर 29 मार्च को आपत्तिजनक भाषण देने के आरोप में चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने कल 14 अप्रैल की सुबह 10 बजे तक दिलीप से कूच बिहार में हुई हिंसा पर दिए बयान पर स्पेष्टीकरण मांगा है।