पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के रामपुरहाट के बोगतुई में हुई हिंसा में जख्मी एक और महिला ने सोमवार को दम तोड़ दिया जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गयी है। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। 

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गौरतलब है कि स्थानीय तृणमूल नेता की मौत के बाद 21 मार्च की शाम को गुस्साई भीड़ ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया था, जिसके कारण महिलाओं और बच्चे सहित आठ लोगों की मौत हो गई है। इसी घटना में पीड़िता नजेमा बीबी जख्मी हो गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक उसे 65 प्रतिशत जली हुई अवस्था में दमकल कर्मचारियों ने रामपुरहाट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार से उसकी सेहत ज्यादा बिगड़ने लगी थी, जिसे देखते हुए उन्हें वेंटिलेशन में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन आज सुबह उसकी मौत हो गई।

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वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हाल में हुई हिंसक घटना को लेकर विधानसभा में सोमवार को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों और तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के बीच जमकर झड़प हुई। हंगामा करने के आरोप में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी समेत भाजपा के पांच सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। सदन की कार्रवाई प्रारंभ होने के कुछ ही देर बाद हंगामा शुरू हो गया।  भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के बीच सभापति के आसन के सामने धक्का-मुक्की शुरू हो गयी थी। विपक्षी भाजपा के सदस्य सदन के बीचोबीच आकर राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे और उन्होंने बीरभूम की हिंसा की घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की भी मांग को लेकर नारेबाजी की। उसके जवाब में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्य भी सदन के बीचोबीच आ गए और उनकी विपक्षी सदस्यों के साथ हाथापाई शुरू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बाद अधिकारी समेत भाजपा के पांच सदस्यों को अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित सदस्यों में दीपक बर्मन, शंकर घोष, मनोज टिग्गा और नरहरि महतो शामिल हैं। 

भाजपा के करीब 25 विधायक अधिकारी के नेतृत्व में नारे लगाते हुए सदन के बाहर आ गए और उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने उन पर हमला किया। अधिकारी ने बाद में संवाददाताओं से कहा, तृणमूल कांग्रेस सदन में वही हालात पैदा कर रही है जो (पश्चिम बंगाल) के गांव में हो गए हैं। उन्होंने सदन में हंगामे की स्थिति के लिए तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया। विपक्ष के नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बीरभूम जिले के बोंगतुई गांव में हिंसा की घटना पर विरोध दर्ज कराना चाहते थे लेकिन उन्हें रोका गया। अधिकारी ने कहा कि वह इस पूरे प्रकरण पर अपनी पार्टी की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष को लिखकर देंगे।