पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तारीखों का आज ऐलान हो सकता है। खबर है कि राज्य में 6 से 8 चरण में मतदान हो सकता है। हालांकि बंगाल में 2016 के चुनावों 6 चरणों में मतदान हुआ था और नतीजे 19 मई को आए थे, लेकिन इस बार 1 मई से पहले चुनाव कार्यक्रम संपन्न कराने की तैयारी है, क्योंकि 4 मई से बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है।

2016 में पश्चिम बंगाल में 6 चरणों में मतदान हुआ था। सबसे पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहले चरण के दो फेज 4 अप्रैल और 11 अप्रैल को मतदान किया गया था। उसके बाद बाकी प्रदेश में 17, 21, 25, 30 अप्रैल और 5 मई को चरणवार तरीके से मतदान किया गया था। चुनाव के नतीजों 19 मई घोषित किए गए थे।

2016  चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 211 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर पर कांग्रेस थी जो सिर्फ 44 सीट जीत पाई थी। 2016 के चुनाव में भाजपा सिर्फ 3 सीट जीती थी, लेकिन इस बार का मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच ही बताया जा रहा है।

जब भी पश्चिम बंगाल में चुनाव होता है, तो चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा व्यवस्था की होती है। इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चुनाव आयोग ने खास इंतजाम किए हैं। पिछले बार करीब एक लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बंगाल चुनाव के दौरान की गई थी। इस बार भी ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं।

चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 125 कंपनियों की तैनाती की जाएगी। इसमें सीआरपीएफ की 60 कंपनी, बीएसएप की 25 कंपनी, एसएसबी की 30 कंपनी, सीआईएसएफ की 5 कंपनी और आईटीबीपी की 5 कंपनी शामिल है।

बंगाल के डीजीपी और मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग से कहा है कि चुनाव आने तक कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक हो जाएगी। इसके साथ ही वादा किया गया था कि मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी, जबकि बंगाल पुलिस के जवान केंद्र से काफी दूर तैनात रहेंगे।