कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय भारोत्तोलक संजीता चानू को बड़ी राहत मिली है। अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ ने संजीता पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। आईडब्लूएफ की वकील ईवा न्यिरफा ने कहा, प्राप्त सूचना के आधार पर आईडब्लूएफ ने एथलीट (संजीता चानू) के अस्थायी निलंबन को हटाने का निर्णय लिया है।


आईडब्लूएफ की वकील ने संजीता और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ को भेजे ईमेल में कहा, हम तक मिली जानकारी के आधार पर आईडब्ल्यूएफ ने फैसला किया है कि संजीता पर लगाया गया अस्थायी निलंबन 22 जनवरी 2019 को हटा लिया जाए।


आईडब्लूएफ की पैनल इस पर अंतिम फैसला लेगी, लेकिन संजीता ने कहा कि उसकी बेगुनाही साबित हो गई है। उसने प्रेस ट्रस्ट से कहा, मुझे अंतर्राष्ट्रीय महासंघ का ईमेल मिला है और हमारे राष्ट्रीय महासंघ ने भी सुबह फोन पर इसकी जानकारी दी। मैं राहत महसूस कर रही हूं, मैं बेकसूर हूं और मैने कभी अपने करियर में कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं लिया।


उन्होंने कहा महासंघ के अधिकारी ने मुझसे कहा है कि यदि में राष्ट्रीय शिविर में आना चाहती हूं तो लिखूं, मैं वही करूंगी। मै एशियाई खेल और विश्व चैम्पियनशिप में भाग नहीं ले सकी। मैं इस साल विश्व चैम्पियनशिप खेलकर ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई करना चाहती हूं।


गौरतलब है कि संजीता ने गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। वह ‘एनाबॉलिक स्टेरॉयड टेस्टोस्टेरोन’ परीक्षण में सकारात्मक पाई गई थीं। इसके बाद पिछले साल मई में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।