बिहार के पश्चिमी चंपारण में करीब 16 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों कहना है कि ये मौतें जहरीली शराब से हुई हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। खबर ये भी है कि गम में डूबे ग्रामीणों ने गुपचुप तरीके से मृतकों का अंतिम संस्कार भी कर दिया। जिससे ये आशंका जताई जा रही कि मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। वहीं घटना की सूचना के बाद जिला प्रशासन की एक टीम हो रही मौतों की जांच के लिए गांव में पहुंची है।

चंपारण रेंज के डीआईजी लल्लन मोहन प्रसाद ने भी टीओआई को बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि लौरिया थाना क्षेत्र के देवरवा देवराज गांव में कई लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि हम रिपोर्ट की पुष्टि की है। पैक्स प्रमुख और तेलपुर के पूर्व मुखिया मोहम्मद जावेद ने मरने वाले 16 लोगों की लिस्ट होने का दावा किया है। उन्होंने मृतकों के नाम साझा करते हुए टीओआई को बताया, 'इस बात का डर है कि मरने वालों का आंकड़ा 20-25 से अधिक हो सकता है।'

हर सुबह देवराज गांव में घूमकर न्यूजपेपर विक्रेता हरदिया के विनोद कुशवाहा ने कहा कि लोगों ने गुपचुप तरीके से मृतकों का अंतिम संस्कार किया है। कुशवाहा को लेकर जावेद ने टीओआई को बताया कि पुलिस के डर से लोगों ने अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में जल्दबाजी की है। अलग-अलग गांवों के इनपुट के साथ पैक्स प्रमुख मोहम्मद जावेद ने सोलह संदिग्ध मृतकों की लिस्ट दी है।

बिकाऊ अंसारी (45), राम बृक्ष पासी (35), लतीफ मियां (60) - सभी देवरवा से; जोगिया से सुरेश तुरहा (50), नईम मियां (70), वशिष्ठ सोनी (40), हीरा लाल डोम (45); सबाया से भुट्टू मियां (30), तेज मोहम्मद (65) और जवाहिर मियां (50); बसवरिया से अमीरुल साह (25), बगही से रतुल मियां (55), डुमरा से जुल्फान मियां (38), गबनाहा से इजहारुल अंसारी (45) और झुन्ना मियां (35) और पांडा पट्टी से अरुण पांडे उर्फ भगवान पांडा।

इस बीच भाकपा माले नेता सुनील राव ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर दुख जताया। सिकटा से भाकपा माले विधायक विरेंद्र गुप्ता ने मौत मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे। भाकपा माले विधायक शुक्रवार को एक टीम के साथ घटनास्थल का दौरा भी करने वाले हैं।

कांग्रेस नेता शाश्वत केदार ने कहा कि राज्य की शराबबंदी नीति बेनकाब हो गई है। केदार ने टीओआई को बताया, 'सीएम को शराब के दुरुपयोग को रोकने के लिए शिक्षा और जागरूकता के स्तर को बढ़ाने की नीति अपनानी चाहिए, जैसे वह जनसंख्या नियंत्रण की वकालत करते हैं।'