मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए मध्य अरब सागर, कर्नाटक, तेलंगाना, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में तथा मराठवाड़ा, विदर्भ के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों के अलावा पूर्वी मध्यप्रदेश और पूर्वी उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 72 घंटे के दौरान स्थितियां अनुकूल रहेंगी।
महाराष्ट्र के विदर्भ के कुछ हिस्सों, ओडिशा और बिहार के अलग-अलग हिस्सों में गर्म हवा की स्थिति बनी रही।

दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों,

तमिलनाडु और पुडुचेरी के शेष हिस्सों, पूरे आंध्रप्रदेश, तेलंगाना के

अधिकांश हिस्सों, दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों, बंगाल की

खाड़ी के शेष हिस्सों, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से में

दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ा है।


पश्चिम बंगाल में गंगा के तटवर्ती इलाके, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, तटीय आंध्रप्रदेश, रॉयलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, विदर्भ और तेलंगाना के शेष हिस्सों में सामान्य से काफी ऊपर रहा।


नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय इलाके, सिक्किम, पूर्वी उत्तरप्रदेश, पश्चिम राजस्थान, गुजरात, कोंकण, गोवा और केरल के कुछ हिस्सों में तथा ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, रॉयलसीमा और तमिलनाडु के शेष हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहा।


जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। पश्चिम उत्तरप्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पूर्वी उत्तरप्रदेश और तटीय आंध्रप्रदेश के शेष हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहा। देश के मैदानी इलाके में सबसे अधिक तापमान पश्चिम राजस्थान के बीकानेर में 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


भोपाल से मिले समाचारों के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून पूर्व की गतिविधियां कमजोर पड़ने से राजधानी भोपाल सहित कई स्थानों पर तापमान बढ़ने लगा है और कुछ स्थानों पर तो फिर गर्म हवाएं चलने लगी हैं।


चिलचिलाती धूप के साथ भोपाल गत 2 दिन से तपने लगा है। यहां गुरुवार के मुकाबले पारा 1.6 डिग्री उछला और अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा है। इसी प्रकार न्यूनतम भी सामान्य से 2 डिग्री अधिक 26.9 दर्ज हुआ।


प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 42.1 डिग्री होशंगाबाद में अंकित हुआ है। यह सामान्य से 6.4 डिग्री ज्यादा है। छिंदवाड़ा में 39 है, यह भी सामान्य से 6.2 डिग्री अधिक है। सीधी में 41 है, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। इसी प्रकार रीवा, मंडला, सागर, खरगोन आदि स्थानों पर भी तापमान सामान्य से 3 और 4 डिग्री ज्यादा है। इन क्षेत्रों में गर्म हवाएं चल रही हैं।


इस बीच स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरआर त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर तापमान अवश्य बढ़ा है लेकिन कहीं-कहीं मानसून पूर्व हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो रही है। रतलाम में 16 मिमी तथा उज्जैन में 2 मिमी वर्षा हुई। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। अलबत्ता शाम 5.30 बजे तक भोपाल में वर्षा या बूंदाबांदी नहीं हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान शहडोल, उज्जैन एवं इंदौर संभागों में कहीं-कहीं वर्षा हुई है।

त्रिपाठी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है और मानसून उस क्षेत्र से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इस बार बंगाल की खाडी ब्रांच से मध्यप्रदेश में मानसून की आमद हो सकती है। इधर अरब सागर से आ रहा मानसून अब तक मुंबई भी नहीं पहुंचा है।


मध्यप्रदेश में 25 जून के आसपास मानसून के आने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अनेक स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की बौछारें पड़ने का अनुमान है। भोपाल में भी गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।