मौसम विभाग के अनुसार आज अचानक से मौसम पलटेगा और देश के कई राज्यों में भारी बारिश होगी। दक्षिणी पश्चिमी मानसून उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों की तरफ भी आगे बढ़ गया है। यह ओडिशा के कुछ और हिस्सों, पश्चिम बंगाल के ज्यादातर हिस्सों और झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून के आगमन का इंतजार खत्म हो गया है। मौसम विभाग ने घोषणा कर दी है कि यूपी की सीमा में रविवार (13 जून) को किसी भी समय मॉनसून प्रवेश कर जाएगा। प्रदेश के वो जिले जिनकी सीमा बिहार से लगती है वे बारिश से तर-बतर हो जाएंगे। बलिया, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र तक में इसका पहला असर देखने को मिल जाएगा। इसके बाद दो से तीन दिनों में पूरे प्रदेश में बारिश हो जाएगी।

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी ने बताया कि ताजा अध्ययन के मुताबिक मॉनसून की चाल सामान्य है और रविवार को पूर्वांचल के कई जिलों में इसकी वजह से बारिश हो सकती है। लखनऊ तक इसे पहुंचने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। वहीं 14 जून तक उत्तराखंड में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। आज भारी बारिश का मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी भारी बारिश हो सकती है।

मॉनसून राजधानी दिल्ली में 15 जून तक दस्तक दे सकता है, जो इसके तय समय से 12 दिन पहले है। मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, इससे पहले साल 2008 में भी दिल्ली में मॉनसून की दस्तक 15 जून को दर्ज की गई थी। इस बार मॉनसून आने का समय 27 जून के आसपास माना जा रहा था, लेकिन दक्षिण पश्चिम मॉनसून की वजह से यह 12 दिन पहले ही दस्तक दे सकता है। मॉनसून के जल्दी आने के तीन प्रमुख कारण हैं। इसमें बड़े क्षेत्र में बारिश का होना, अधिक बारिश होना और हवाओं का जल्दी आना शामिल हैं। 2013 में मॉनसून ने 16 जून तक पूरे देश में दस्तक दे दी थी।