भारत के कई हिस्‍सों में ठंड दस्तक दे चुकी है। दिल्‍ली-एनसीआर समेत उत्‍तर भारत के अधिकांश इलाकों में शाम को तापमान गिरने से लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़ रहे हैं। इस बीच पंजाब और हरियाणा में किसानों की ओर से पराली जलाने की घटनाएं भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार पराली जलाए जाने के कारण दिल्‍ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्‍ता में कोई सुधार नहीं हो रहा है। आज भी दिल्‍ली-एनसीआर, उत्‍तर भारत के मैदानी क्षेत्र और मध्‍य प्रदेश के उत्‍तरी हिस्‍से में हवा की गुणवत्‍ता बेहद खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार सुबह दिल्‍ली के आनंद विहार का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) 484 रहा। वहीं मुंडका का एक्‍यूआई 470, ओखला का 465 एक्‍यमआई रहा। वजीरपुर का एक्‍यूआई 468 रहा। पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पराली को कथित रूप से जलाए जाने के बीच रविवार को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। सफर ने कहा कि वायु गुणवत्ता के मामूली रूप से और खराब होने और अगले दो दिन 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मोबाइल ऐप 'समीर' के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 दर्ज किया गया है जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी संगठन वायु गुणवत्ता प्रणाली एवं मौसम पूर्वानुमान व शोध (सफर) ने बताया कि स्थिति में तब तक सुधार होने की संभावना नहीं है जब तक कि पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी नहीं आती है।