मौसम विभाग ने खुशखबरी है कि अब जल्द ही भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने वाली है। एक और जहां राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में पारा चढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिहार बारिश से बेहाल है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को हुई हल्की बारिश होने से उमस भरी गर्मी से मामूली राहत मिली है लेकिन मॉनसून पहुंचने में करीब हफ्तेभर का इंतजार करना होगा। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून की अभी एंट्री नहीं हुई है।

देश की राजधानी दिल्ली में कल यानी 3 जुलाई को जो राहत की फुहारें पड़ी तो उसका असर आज (रविवार) भी कायम है। हवाओं में ठंडक और तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दिल्ली में आज (रविवार) यानी 4 जुलाई को भी बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियल जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी एवं पर्वतीय इलाकों में लू का असर कम हो गया है। अगले पांच दिन लू चलने की संभावना नहीं है। आगामी पांच दिनों में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आस-पास के इलाकों में हुई बारिश से लू के प्रकोप से राहत मिली है।

जयपुर मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राजस्थान में चिलचिलाती गर्मी पड़ रही है। राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी का कहर जारी है। प्रदेश में शनिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री से लेकर 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान चुरू व करौली में सबसे अधिक 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान पिलानी में 41.3 डिग्री, गंगानगर में 41.3 डिग्री, सवाई माधोपुर में 40.9 डिग्री, नागौर में 40.0 डिग्री, बीकानेर में 39.9 डिग्री, जयपुर व टोंक में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब और हरियाणा में गर्मी का कहर जारी है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो दोनों राज्यों में सबसे ज्यादा है। वहीं, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी दिशा से आने वाली नमी वाली हवाओं को पाकिस्तान से आने वाली पश्चिमी हवाएं रोक रही रही हैं। इसलिए दिल्ली को मॉनसून (Monsoon) के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली के साथ हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी यूपी के इलाकों में भी मॉनसून की एंट्री पिछले 2 हफ्ते से रुकी हुई है।

एक तरफ जहां उत्तर भारत के लोगों ने करीब हफ्तेभर लू के थपेड़े झेले तो वहीं, देश के कई हिस्सों में सैलाब उमड़ रहा है। पूर्वोत्तर में मेघालय से लेकर अरुणाचल प्रदेश और असम तक पानी ने कोहराम मचा रखा है। नदियां उफान पर हैं। पानी के जोर से कहीं पुल बह रहे हैं तो कहीं सड़कें ही बाढ़ के बीच गुम हो रही हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के गांव पानी में डूबे जा रहे हैं।

बिहार पर तो दोहरी मार पड़ी है। धुआंधार बारिश ने सूबे की सूरत पहले ही बिगाड़ रखी है। उधर, नेपाल में हो रही बारिश भी बिहार पर ही कहर बनकर टूट रही है। नेपाल की उफनती नदियां सरहद पार करके जब बिहार में दस्तक देती हैं तो बस्तियां पानी-पानी हो जाती हैं। रक्सौल में खेत-खलिहान, मकान और बगीचे सब पानी की धार में एक हो गए हैं।