दुनियाभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) के ओमीक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) की वजह से हाहाकार मचा हुआ है. इसी बीच ब्रिटेन (Britain) से राहत देने वाली खबर सामने आई है. ब्रिटिश रिसर्चर्स ने ओमीक्रॉन वेरिएंट पर बूस्टर डोज (Booster Dose on Omicron Variant) के असर का पता लगाया है. उन्होंने कहा कि बूस्टर डोज (Booster Dose) ओमीक्रॉन वेरिएंट से गंभीर रूप से बीमार होने से बचाने में 85 फीसदी तक सुरक्षा देता है.

कोविड के पुराने वेरिएंट के खिलाफ मिलने वाली सुरक्षा के मुकाबले बूस्टर डोज से थोड़ी कम सुरक्षा मिलती है. लेकिन इसका सीधा मतलब ये भी है कि अगर फुली वैक्सीनेटेड लोगों को बूस्टर डोज लगाई जाए, तो उन्हें अस्पतालों में भर्ती होने से रोका जा सकता है. इस जानकारी का इंपीरियल कॉलेज लंदन की टीम ने पता लगाया है. उन्होंने ओमीक्रॉन वेरिएंट को लेकर मौजूद सीमित जानकारी के आधार पर बूस्टर डोज की प्रभावकारिता की जानकारी दी है.

रिसर्चर्स का कहना है कि जब तक इस नए वेरिएंट के बारे में अधिक वास्तविक जानकारी इकट्ठा नहीं की जाती है, तब तक अनिश्चितता है. विशेषज्ञ अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ओमीक्रॉन कितना हल्का या गंभीर होगा. वैक्सीन के जरिए शरीर ये सीखता है कि कोविड से कैसे लड़ना है. लेकिन वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन अधिक म्यूटेटेड ओमीक्रॉन वेरिएंट का मुकाबला करने के लिए तैयार नहीं है. इसका मतलब है कि ओमीक्रॉन वेरिएंट के लिए मौजूदा वैक्सीन सही मैच नहीं हैं.

ओमीक्रॉन से बचने के लिए, ब्रिटेन समेत दुनियाभर में लोगों को वायरस से लड़ने के लिए बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जा रही है. एंटीबॉडी वायरस पर चिपक जाती है और ये कोशिकाओं में प्रवेश करने एवं रूप बदलने से रोकती है. स्टडी से मालूम चला है कि फुली वैक्सीनेटेड लोगों में इन एंटीबॉडी की वायरस को खत्म करने की क्षमता में 20 से 40 गुना तक की कमी आई है. इंपीरियल कॉलेज के प्रारंभिक कार्य का मानना है कि ओमीक्रॉन के खिलाफ वैक्सीन के कारगर होने में गिरावट होगी.

वहीं, बूस्टर डोज लगवाने के बाद डेल्टा वेरिएंट से मिलने वाली 97 फीसदी सुरक्षा की तुलना में ओमीक्रॉन वेरिएंट से 80 से 85.9 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है. हालांकि, इम्यून सिस्टम के अन्य हिस्से भी हैं, जैसे टी कोशिकाएं, जो कोविड से भी लड़ सकती हैं. हालांकि, स्टडी में इनके प्रभाव का आकलन नहीं किया गया है.

इंपीरियल रिसर्चर्स में से एक प्रोफेसर अजरा गनी ने कहा, एक अनिश्चितता यह है कि ओमीक्रॉन वेरिएंट के कारण होने वाली बीमारी की तुलना पिछले वेरिएंट के कारण होने वाली बीमारी से की जाती है. हालांकि इसे पूरी तरह से समझने में कई सप्ताह लग सकते हैं. सरकारों को किसी भी संभावित प्रभाव को कम करने के लिए अभी योजनाएं बनाने की जरूरत होगी. हमारे परिणाम व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में बूस्टर डोज देने के महत्व को प्रदर्शित करते हैं.