त्रिपुरा फोरम फॉर प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स (टीएफपीजे) ने पिछले साल दो पत्रकारों शांतनु भौमिक और सुदीप दत्ता भौमिक के  हत्या के मामलों को सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार के फैसले पर खुशी व्यक्त किया है।


टीएफपीजे संयोजक प्रणब सरकार ने रविवार को यहां कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार ने पुलिस के द्वारा हत्याओं में एसआईटी जांच का आदेश दिया था, जो दोनों मामलों के आरोपी थे।


बता दें कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब ने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह को मानते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) राज्य में पिछले वर्ष हुए दो पत्रकारों की हत्या के मामले की जांच करेगा। मुझे आशा है कि सीबीआई इन मामलों को जल्द सुलझा लेगी।


देब ने कहा, 'राज्य सरकार के आग्रह को मानते हुए, पिछले सप्ताह जरूरी अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके अंतर्गत सीबीआई त्रिपुरा के दो पत्रकारों की हत्या की जांच करेगा।'


कार्मिक, लोक शिकायत एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने पिछले सप्ताह दो अलग-अलग अधिसूचना जारी किए थे, जिसके अंतर्गत पिछले वर्ष पत्रकार शांतनु भौमिक(28) और सुदीप दत्ता भौमिक(50) की हत्या की जांच की जाएगी।


राज्य के गृह विभाग का भी जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी के चुनाव-पूर्व वादे के अनुसार, राज्य सरकार ने मार्च में कैबिनेट के निर्णय के बाद डीओपीटी को सीबीआई से राज्य में दो पत्रकारों की जघन्य हत्या की जांच कराने के लिए आदेश देने का आग्रह किया था।'


उन्होंने कहा, 'वाम मोर्चा की सरकार ने भाजपा और पत्रकार संगठनों की सीबीआई जांच की मांग को ठुकरा दिया था। राज्य सरकार सीबीआई को जांच में सभी प्रकार का सहयोग देगी। हमें विश्वास है कि दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को इंसाफ मिलेगा।'


एक स्थानीय अखबार के पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की पिछले वर्ष 21 नवंबर को पश्चिम त्रिपुरा के रामचंद्र नगर के त्रिपुरा राज्य राइफल्स(टीएसआर) की दूसरी बटालियन के मुख्यालय में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।


जबकि टेलीविजन पत्रकार शांतनु भौमिक(28) की 20 सितंबर, 2017 को मंडाई में जनजातीय आधारित राजनीतिक पार्टी के प्रदर्शन को कवर करते वक्त हत्या कर दी गई थी।


वाम मोर्चा की सरकार ने दोनों हत्याओं की जांच के लिए क्रमश: पुलिस उपमहानिरीक्षक अरिंदम नाथ और पुलिस महानिरीक्षक जी.एस. राव की अगुवाई में एसआईटी जांच बिठाई थी।


नाथ की अगुवाई में एसआईटी ने टीएसआर की दूसरी बटालियन के कमांडेंट तपन देबबर्मा समेत टीएसआर के चार कर्मियों को गिरफ्तार किया था।


फॉरम ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट(एफपीजे) के संयोजक प्रणब सरकार ने यहां मीडिया से कहा, 'हमने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पीएमओ के मंत्री जितेन्द्र सिंह, भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) सी.के. प्रसाद से मुलाकात की।'

अनुभवी संपादक सुबल कुमार डे ने एक प्रेस वार्ता संबोधित करते हुए कहा, 'हम हत्यारों को सजा और पीडि़तों के परिजनों को न्याय दिलवाने के लिए सीबीआई जांच तेजी से करने की मांग करते हैं।'

एफपीजे ने इस मामले में सीबीआई जांच की इजाजत देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।