एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक हिंदू व्यक्ति की उसकी मुस्लिम पत्नी के रिश्तेदारों द्वारा कथित ऑनर किलिंग की निंदा की है। यह कहते हुए कि नागराजू की हत्या इस्लाम के खिलाफ है, हैदराबाद के सांसद ने कहा कि लड़की ने अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी की थी और देश का कानून इसकी अनुमति देता है।

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बिलापुरम नागराजू (25) की सरूरनगर इलाके में 4 मई की रात को उसकी पत्नी के सामने और उसके भाई और उसके दोस्तों ने हत्या कर दी थी। अगले दिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।नागराजू ने इस साल 31 जनवरी को हैदराबाद के आर्य समाज मंदिर में स्कूल और कॉलेज में अपनी सहपाठी अश्रीन सुल्ताना से शादी की थी। ओवैसी ने कहा कि दोनों पुरुषों के लिए उसके पति को मारने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने शुक्रवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुख्यालय दारुस्सलाम में ईद मिलाप कार्यक्रम में कहा, इस्लाम में हत्या सबसे बड़ा अपराध है।

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यह कहते हुए कि मजलिस हत्या की निंदा करता है, सांसद ने तेलंगाना सरकार द्वारा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ की गई कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी हत्यारों के साथ नहीं खड़ी होगी। आपको किसी को मारने का कोई अधिकार नहीं है। अल्लाह से डरो। पवित्र कुरान कहता है कि अगर एक निर्दोष इंसान को मार दिया जाता है तो यह पूरी मानवता को मारने के बराबर होता है और अगर एक इंसान को बचाया जाता है तो यह पूरी मानवता को बचाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया का एक वर्ग घटना को सांप्रदायिक रंग देने और उन पर उंगली उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पूछा, क्या मैंने हत्यारों के समर्थन में जुलूस निकाला, क्या मैंने उन्हें माला पहनाई या मैंने घोषणा की कि मैं उनके लिए एक वकील की व्यवस्था करूंगा? ओवैसी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जब एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लडक़ी से शादी की तो वहां के अधिकारियों ने जाकर उसके पिता के घर और दुकान को तोड़ दिया। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि वह तय करेंगे कि किसी मुद्दे पर क्या बोलना है और कहां और कब बोलना है और यह मीडिया या अन्य द्वारा तय नहीं किया जा सकता है।