केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को गृह मंत्रालय द्वारा असम सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल समेत राज्य के कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सोमवार को सुबह नार्थ ब्लाॅक में संपन्न इस बैठक में गुवाहाटी में ग्रेनेड विस्फोट के बाद की स्थिति तथा 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली एनआरसी को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। लोकसभा चुनावों के बीच होने वाली एनआरसी को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई लोकसभा चुनावों के बीच एक सप्ताह पहले ही असम के गुवाहाटी शहर के चिड़ियाघर रोड़ इलाके में बम धमाके में बारह लोग घायल हुए थे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने लगभग घंटे भर चली बैठक के खत्म होने के बाद बताया कि असम के वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर एक विस्तृत समीक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि हमने एनआरसी के अंतिम चरण के प्रकाशन के बाद उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थिति के बारे में भी चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने इस बारे में बताया कि राज्य सरकार एनआरसी अद्यतन प्रक्रिया के लिए सभी सहायता प्रदान कर रही है और सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


उन्होंने कहा कि किसी भी वास्तविक भारतीय को अंतिम एनआरसी के परिणाम के बारे में चिंतित नहीं होने चाहिए। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में हाल ही में अल्फा द्वारा किए गए विस्फोट के मद्देनजर असम की मौजूदा सुरक्षा व कानून व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने असम में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की और साथ ही 31 जुलाई को एनआरसी के अंतिम प्रकाशन के बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित कानून और व्यवस्था की स्थितियों पर चर्चा की है।


हाल ही में धमाके ने असम में उग्रवादी संगठनों के खतरे को और अधिक बढ़ा दिया है। यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट आॅफ असम-इंड़िपेंडेंट(आल्फा-आई) ने इस विस्फोट के कुछ ही घंटों बाद इसकी जिम्मेदारी ली। दूसरी तरफ असम में अफस्पा को भी हटाया जा रहा है। गृह मंत्रालय नें इन सभी मुद्दों को लेकर भी चर्चा हुई है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल व बैठक में राज्य की तरफ से उपस्थित डीजीपी कुलधर सैकिया ने राज्य की वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के बारे में जानकारी दी है।