वाशिंगटन। अमेरिका में वित्तीय लेन देन पर नजर रखने वाली संस्था ने वॉल स्ट्रीट की बड़ी कंपनियों पर 1.8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। बीबीसी की ओर से बुधवार को प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के हवाले से यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि बर्कलेज, यूबीएस और गोल्डमैने सैश के नाम 16 नियामकों में शामिल हैं। इस मामले में एसईसी की ओर से अलग से जारी एक बयान में 1.8 बिलियन डॉलर के जुर्माने की घोषणा की गयी। इसके साथ ही वस्तु वायदा बाजार आयोग ने 710 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाये जाने की घोषणा की है। 

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एसईसी के अध्यक्ष गैरी गेंस्लर के हवाले से बीबीसी ने कहा 'पैसे का कारोबार विश्वास पर चलता है। जो कंपनियां अपने रिकॉर्ड और बाकी कागजी दस्तावेजों की सही जानकारी रखकर मिलने वाले सम्मान को नहीं बचा सकीं और इसीलिए आज ऐसा न कर पाने वाली कंपनियों के खिलाफ हमने यह कदम उठाया है।' नियामकों ने जारी बयान में कहा कि जनवरी 2018 से लेकर सितंबर 2021 के बीच बैंक कर्मचारी लगातार व्यापार से जुड़े मामलों को लेकर अपने साथियों, ग्राहकों और तीसरे पक्ष के साथ अपने अपने निजी फोन से लिखित संदेशों और व्हॉट्सएप के माध्यम से बातचीत करते रहे। 

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इतना ही नहीं इन कंपनियों ने इनमें से अधिकतर हुई बातचीत को संभाल कर भी नहीं रखा जो संघीय नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके तहत यह जरूरी है कि ब्रोकर डीलरों और दूसरे वित्तीय संस्थाओं के साथ व्यापार से जुडी बातचीत का ब्यौरा रखना जरूरी होता है। एजेंसी ने कहा कि इस तरह से किये गये काम के कारण मुख्य नियमों से जुड़कर काम कराये जाने को लेकर नियामकों की क्षमता पर बड़ा खराब असर पड़ा है। इस जांच ने वॉल स्ट्रीट को हिला कर रख दिया है और कुछ बैंकरों की तो नौकरियों तक पर बन आयी है। इतना ही नही इस प्रकरण से कंपनियों पर अनधिकृत एप के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम बनाने का दबाव हो गया है।