ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जयपुर से यूपी, बिहार, असम की ओर जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। जबकि रेलवे ने गर्मी की छुटि्टयों के मद्देनजर 23 स्पेशल ट्रेनें चलाई जिनमें 16 हजार अतिरिक्त कोच लगाए। इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, पटना, सीवान, गुवाहाटी, भागलपुर सहित अन्य शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 150 से भी अधिक है। कुछ ट्रेनों में तो वेटिंग भी उपलब्ध नहीं है। जयपुर से वीकली और डेली चलने वाली ट्रेनों में पूरे जून तक लंबी वेटिंग है।


इस कारण से बढ़ी मुश्किलें

रेलवे के एडवांस रिजर्वेशन पहले 60 दिन यानी दो महीने पहले तक होते थे। लेकिन पिछले कुछ समय से रेलवे ने इसमें संशोधन करते हुए इस अवधि को 120 दिन कर दिया। जिससे भी यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई है। जयपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में नो रूम यानि रिगरेट होने के कारण यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट नहीं मिल रहे हैं। इसलिए तत्काल में कंफर्म टिकट की उम्मीद के चलते रिजर्वेशन काउंटर्स पर मारामारी की बढ़ गई है।


तत्काल टिकट के लिए बढ़ी मारामारी

जयपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में नो रूम यानी रिगरेट होने के कारण यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट नहीं मिल रहे हैं। इसलिए तत्काल में कंफर्म टिकट की उम्मीद के चलते रिजर्वेशन काउंटर्स पर मारामारी की बढ़ गई है। कई बार तो स्टेशन पर मामूली कहासुनी मारपीट में बदल जाती है, लेकिन इन सब के बावजूद अधिकांश मुसाफिरों को बिना टिकट ही लौटना पड़ता है।

इस तरह मिल सकती है राहत
- असम, गुवाहाटी के लिए नियमित ट्रेन चलाई जाए। इससे आसाम के साथ बिहार जाने वाले मुसाफिरों को भी राहत मिलेगी।
- हावडा, चेन्नई और पुरी के लिए नियमित ट्रेन का संचालन किया जाए। इन शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं।
- मुंबई के लिए दुरंतो को अस्थाई रुप से नियमित किया जाए। रविवार को अरावली एक्सप्रेस और बॉम्बे सुपरफास्ट के अलावा नई ट्रेन चलाई जाए।
- अहमदाबाद-हरिद्वार वाया जयपुर ट्रेन को रेगुलर किया जाए।
- जयपुर-इंदौर और जयपुर-पुणे ट्रेन के रैक में बढ़ोतरी की जाए।