मेघालय में 10वें विधानसभा के लिए 27 फरवरी को वोटिंग हो गई है। इस बार 84.86 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। चुनाव परिणाम 3 मार्च को घोषित किए जाएंगे। मेघालय में राजनीतिक उथल-पुथल आम बात है यहां अब तक मात्र तीन ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल एक-एक बार पूरा किया। इनमें से सबसे पहले मेघालय के पहले मुख्यमंत्री डब्ल्यू. ए. संगमा ने अपना कार्यकाल पूरा किया था।


साल 1970 में एपीएचएलसी के नेता विलियमसन ए. संगमा ने मेघालय के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे एक आदिवासी नेता थे। वे छह बार मेघालय के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन सिर्फ एक बार ही 2 अप्रैल 1983 से 5 फरवरी 1988 तक पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए। वे एक बार 1989 में मिजोरम के राज्यपाल भी रह चुके हैं। डब्ल्यू. ए. संगमा के अलावा एस. सी. मराक और मुकुल संगमा ही ऐसे मुख्यमंत्री हुए हैं जिन्होंने एक-एक बार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। मराक ने 19 फरवरी 1993 से 27 फरवरी 1998 तक और मुकुल संगमा ने 2013 से 2018 तक अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है।


डब्ल्यू. ए. संगमा का जन्म 18 अक्टूबर 1919 को दक्षिण गारो हिल्स जिले के बघमारा में हुआ था। वे हमेशा ही बघमारा विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़े। उन्होंने साल 1952 राजनीति में कदम रखा और साल 1954 में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य बन गए। मेघालय के गठन में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। पहले मेघालय असम का हिस्सा हुआ करता था।


वे पहली बार 2 अप्रैल 1970 से 21 जून 1972 तक मेघालय के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद दूसरी बार 21 जून 1972 से 18 मार्च 1973 तक, तीसरी बार 18 मार्च 1973 से 21 नवंबर 1976 तक मुख्यमंत्री रहे। इन तीनों कार्यकार्य में वे एपीएचएलसी के विधायक रहे।


इसके बाद उन्होंने एपीएचएलसी का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में शामिल होकर वे चौथी बार 22 नवंबर 1976 से 3 मार्च 1978 तक मुख्यमंत्री रहे। 5वीं बार उन्होंने 7 मई 1981 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनका यह कार्यकाल 24 फरवरी 1983 तक चला। छठी बार वे 2 अप्रैल 1983 से 5 फरवरी 1988 तक मेघालय के मुख्यमंत्री रहे। उनका 71 वर्ष की आयु में 25 अक्टूबर 1990 को निधन हो गया।


बता दें कि मेघालय में अबतक 11 मुख्यमंत्री रहे हैं, इसमें से ज्यादातर ने एक से ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्राप्त किया है। इस चुनाव की बात करें मेघालय में 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल 372 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। कांग्रेस जहां सभी 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं एनपीपी 52, भाजपा 47, पीपल डेमोक्रेटिक फ्रंट 26, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी 21, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 13, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 13 और दूसरी पार्टियां चुनावी मैदान में हैं।


इस चुनाव में 85 निर्दलीय और 33 महिला प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमां रही हैं। ये चुनाव न केवल कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है बल्कि भाजपा किसी भी सूरत में इस पहाड़ी राज्य में केसरिया झंडा फहराने की कोशिश में है। बता दें कि एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण 27 फरवरी को मेघालय की 59 विधानसभा सीटों पर ही मतदान संपन्न हो गए।