त्रिपुरा में रविवार को हो रहे विधानसभा चुनाव के तहत अभी तक औसत मतदान हुआ है। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। त्रिपुरा में एक चरण के तहत ही मतदान हो रहा है।

निर्वाचन विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज्य के 150 से अधिक मतदान केंद्रों में वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की वजह से मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई।

अधिकारी ने बताया, "अभी तक 40  से 45 फीसदी तक मतदान हो चुका है और अभी भी मैदानी और पहाड़ी, दोनों इलाकों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।"

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 92 फीसदी और 2008 में 91 फीसदी मतदान हुआ था।अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तपस रॉय ने आईएएनएस को बताया, "निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी 3,174 मतदान केंद्रों में वीवीपीएटी से जुड़ीं विशेषीकृत ईवीएम लगाई हैं। जहां दिक्कत हुई वहां पर ईवीएम-वीवीपीएटी बदलने और उन्हें ठीक करने के बाद इन मतदान केंद्रों पर मतदान दोबारा शुरू हुआ।"

उन्होंने बताया कि अभी तक मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हुआ है।राज्य की 60 सीटों में से 59 पर मतदान हो रहा है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देब बर्मा के निधन की वजह से चरीलम जनजातीय आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव रद्द हो गया। यहां 12 मार्च को चुनाव होगा।

रविवार को हो रहे विधानसभा चुनाव में कुल 292 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इसमें 23 महिलाएं और कई निर्दलीय उम्मीदवार हैं।

मतगणना तीन मार्च को होगी।कुल 3,174 मतदान केंद्रों में से 47 मतदान केंद्रों की सुरक्षा पूरी तरह से महिला सुरक्षाकर्मी कर रहीं हैं। कुल 2,536,589 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं, जिनमें से 1,250,128 महिलाएं हैं। 47,803 मतदाता पहली बार मतदान करने जा रहे हैं।

सत्तारूढ़ माकपा ने 56 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। पार्टी ने एक-एक सीट अपने वामपंथी धड़े की साझेदार पार्टियों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, फॉरवर्ड ब्लॉक और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के लिए छोड़ दी है।