2018 राज्य के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी साल एनआरसी का काम पूरा होगा। अवैध विदेशियों की पहचान की जायेगी आैर राज्य से विदेशी समस्या का समाधान होगा। लेकिन राज्य सरकार को इस समस्या पर जितना सक्रिय होना चाहिए उतनी नहीं दिख रही है। इस समस्या को लेकर असम सरकार, रानीतिक दल व संगठन भी राज्य के खिलंजिया लोगों के पक्ष में नही है तो वहीं एआर्इयूडीएफ व आम्सू विदेशी समर्थक है। असम में सभी राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति कर रहे है।

 

ये बातें गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस में प्रवजन विरोधी मंच के संयोजक उपमन्यू हजारिका ने कही। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री सोनोवाल, पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत, अगप के अध्यक्ष व कृषि मंत्री अतुल बोरा के साथ आैर दूसरे नेता भी इस मुद्दे पर साफ तौर पर कुछ भी नहीं कह रहे हैं कि एनआरसी का काम पूरा हो जाने के बाद विदेशियों के प्रति क्या पहल की जायेगी। 

 

एनआरसी की अंतिम लिस्ट के साथ ही राज्य में अवैध तरीके से रह रहे विदेशियों की पहचान हो जायेगी लेकिन विदेशी समस्या के निदान के लिए कोर्इ भी नेता स्पष्ट नहीं है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सत्य आैर निष्ठा का पालन करें।