Vodafone Idea के ग्राहकों को जरा सावधान हो जाने की जरूरत है। क्योंकि इस कंपनी की सिर्फ एक गलती की वजह से ग्राहाकें को लाखों रूपयों का चूना लग सकता है। इसी को लेकर
राजस्थान के आईटी विभाग ने हाल ही में Vodafone Idea (Vi) को एक आदेश दिया है। इसमें एक ग्राहक को 27.5 लाख रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। आखिर ये जुर्माना क्यों लगाया गया, इसका कारण भी जान लेतें हैं। दरअसल एक व्यक्ति ने बिना किसी वेरिफिकेशन के दूसरे ग्राहक के नंबर की डुप्लीकेट सिम को क्लेम किया है। जिस ग्राहक ने कंपनी की गलती के कारण सिम कार्ड प्राप्त किया, उसने पहले ग्राहक के खाते से 68 लाख रुपये निकाले क्योंकि डुप्लीकेट सिम कार्ड उसकी ओवरड्राफ्ट सर्विस से जुड़ा था।

यह भी बता दें कि Vi द्वारा जारी किए गए डुप्लिकेट सेलफोन सिम कार्ड की मदद से व्यक्ति के खाते से अवैध रूप से पैसा ट्रांसफर किया गया था। यह तो हम सभी जानते हैं कि डुप्लीकेट सिम कार्ड जारी करने के लिए कई वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। लेकिन इस मामले में ग्राहक के आईडी प्रूफ का वेरिफिकेशन सही नहीं हुई है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला भानु नाम के एक व्यक्ति का है, जिसे डुप्लीकेट सिम कार्ड दिया गया था जो दूसरे ग्राहक का था। इस स्थिति का लाभ उठाकर भानु ने आईडीबीआई बैंक खाते से 68.5 लाख रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, Vi यूजर कृष्ण लाल के मोबाइल नंबर ने मई 2017 में काम करना बंद कर दिया था। फिर वो हनुमानगढ़ में Vi के स्टोर पर गए और इसकी शिकायत दर्ज की। उन्हें एक नया नंबर मिला, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद भी उनका काम नहीं बन पाया और नंबर बंद ही रहा।

यह तब हुआ जब वह जयपुर के एक स्टोर में गए और सिम को एक्टिवेट करने के लिए शिकायत दर्ज कराई। फिर अगले दिन इसे एक्टिवेट कर दिया गया। तब तक दूसरे व्यक्ति को डुप्लीकेट सिम मिल गई और OTP का इस्तेमाल कर ऊपर दी गई राशि को उसने अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।

कथित तौर पर, सिम कार्ड को प्राप्त करने के 5 दिन बाद ही व्यक्ति ने उस नंबर को उसे एक्सेस कर लिया। एक बार जब यह एक्टिवेट हो गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसके अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए हैं। यह तब हुआ जब ग्राहक ने घटना के बारे में शिकायत की। वहीं, अब Vi को आईटी अधिनियम के तहत मुआवजा देने का दावा किया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जिस व्यक्ति ने रुपये निकलवाए हैं उसे गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने 68 लाख रुपये में से 44 लाख रुपये ग्राहक को लौटा दिए। हालांकि, बाकी की रकम अभी पेंडिंग है। ग्राहक ने आईटी अधिनियम के तहत इसके बारे में एक और शिकायत दर्ज की है। ग्राहक डाटा के अनुचित वेरिफिकेशन और नए सिम कार्ड के एक्टिवेशन में देरी के लिए यहां Vi पर जुर्माना लगाया गया है।