रूस और यूक्रेन (russia ukraine crisis) के बीच युद्ध की संभावनाओं और दुनियाभर के देशों की ओर से बातचीत के दबाव के बीच अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir putin) ने कहा है कि वह बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन वह देश के हितों को नजर अंदाज नहीं करेंगे। पुतिन ने कहा, हमारा देश हमेशा बातचीत के लिए तैयार है जिससे कि कोई हल निकल सके। उन्होंने कहा, हम बातचीत कर सकते हैं लेकिन अपने देश के लोगों की सुरक्षा और देश के हितों के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।

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इस बीच यूक्रेन (russia ukraine crisis) ने रूस की ओर से हमले की आशंका को देखते हुए अपने नागरिकों से तुरंत रूस छोड़ने का आग्रह किया है और सैकड़ों रूसी नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन के विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry of Ukraine) ने इस संबंध में अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस समय रूस की यात्रा न करें और जो पहले से रूस मे हैं वे जल्द से जल्द वहां से निकल आए। 

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उल्लेखनीय है कि यूक्रेन की संसद ने 351 रूसी नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दे दी है, जिनमें सांसद भी शामिल हैं। जिन्होंने पूर्वी यूक्रेन के स्व-घोषित डोनेट्स्क (Donetsk) और लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (Luhansk Peoples Republic) को स्वतंत्र के रूप में मान्यता देने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कदम का समर्थन किया और बढ़ते तनाव के बीच उन क्षेत्रों में सैनिकों को तैनात किया। वहीं यूक्रेनी संसद ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया जिसके तहत डोनेट्स्क और लुहान्स्क गणराज्यों को मान्यता देने पर रूसी अधिकारियों को 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह प्रस्ताव यूक्रेनी राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद (एनएसडीसी) ने पेश किया था। इस प्रस्ताव का 450 में 322 सदस्यों ने समर्थन किया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के निर्णय लागू करना है।