रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir putin) एक वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अगले महीने भारत यात्रा पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी दौरान भारत को एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defense Missile System) के पहले बैच की डिलीवरी हो सकती है। इस यात्रा के जरिए दोनों पक्षों के लिए आने वाले दशक में अपने सैन्य-तकनीकी सहयोग को रिन्यू करने के लिए मंच तैयार किया जाएगा। 

पुतिन (vladimir putin) की भारत यात्रा से पहले मॉस्को में भारत और रूस के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता होगी। ये वार्ता पुतिन के शिखर सम्मलेन के लिए नींव रखेगी। उन्होंने बताया कि एस-400 सिस्टम का पहला बैच दिसंबर तक डिलीवर होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पुतिन के नई दिल्ली में होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष 6 दिसंबर को इस मुलाकात के लिए सबसे संभावित तारीख के रूप में देख रहे हैं। आगामी शिखर सम्मेलन में, भारत और रूस के 2021-31 के लिए अपनी सैन्य-तकनीकी सहयोग व्यवस्था को रिन्यू करने और रक्षा, व्यापार और विज्ञान और टेक्नोलॉजी में कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।

शिखर सम्मेलन के दौरान जिन प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, उसमें एक पारस्परिक आदान-प्रदान लॉजिस्टिक्स समझौता भी शामिल हैं। दोनों देशों की सेनाओं को ठिकानों और बंदरगाहों पर रसद और सपोर्ट फैसिलिटी पहुंचाने में मदद करेगा। भारत ने रूस के साथ लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पांच एस-400 मिसाइल प्रणालियों की खरीद के साथ बढ़ाया है। इसके तहत 5.4 अरब डॉलर का समझौता किया गया है। वहीं, अमेरिका ने इस समझौते को लेकर चेतावनी दी थी कि काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थू्र सेक्शंस एक्ट के तहत प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।

वहीं, भारतीय वायुसेना के जवान रूस में एस-400 को ऑपरेट करने के लिए कई बार ट्रेनिंग भी ले चुके हैं। भारत और रूस ने अक्टूबर 2018 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इसके तहत पांच सालों में सभी मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी की जानी है। वायुसेना एस-400 सिस्टम (S-400 Air Defense Missile System) की पहली इकाई को ऐसे समय में अपने बेड़े में शामिल करेगी, जब भारत चीन के साथ लद्दाख में सीमा विवाद में उलझा हुआ है। वहीं, चीन ने शिनजियांग में होटन एयरबेस और तिब्बत में निंगची एयरबेस पर दो एस-400 स्क्वाड्रन तैनात किए हैं। एक लद्दाख में तैनात किया गया है, तो दूसरा अरुणाचल प्रदेश में।