पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर हिंसा की आग में झुलस रहे पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में शांति की बहाली के लिए कोई तात्कालिक समाधान सामने नहीं आया है और संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं की तोडफ़ोड़ की गतिविधियां लगातार जारी है। सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं ने कुर्सियोंग में एक टूरिस्ट लॉज और मिरिक में मंडल कार्यालय में तोडफ़ोड की तथा लम्हाटा में पंचायत कार्यालय में आग लगा दी।

इससे पहले संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं ने विरासत संपत्ति माने जाने वाले सोनाडा और गयाबाड़ी टॉय ट्रेन स्टेशन में आग लगा दी थी। इसके अलावा कुर्सियोंग स्थित बंगाली एसोसिएशन के प्रतीक एवं सबसे पुराने हालों में से एक राज राजेश्वरी हाल में भी आग लगा दी थी। यह हाल आग में जलकर पूरी तरह से राख हो गया है। गोरखालैंड समर्थक अब इस आंदोलन को पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों तक विस्तार देने का प्रयास कर रहे हैं , ताकि इसे और गति मिल सके। 

उन्होंने एक अगस्त को नयी दिल्ली में जंतर मंतर पर एकत्र होने का फैसला किया है, जहां वे अपनी मांगों के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगे। दूसरी तरफ कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दार्जिलिंग में मदन तमांग की हत्या के सात वर्ष पुराने मामले में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) अध्यक्ष विमल गुरुंग और 22 अन्य के खिलाफ आरोप तय किये जाने के कल आदेश दिये।