देश में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव आगामी कुछ ही दिनों में होने वाले हैं। इन चुनावों की तैयारियों में सभी राजनीति पार्टियां जनता को लुभाने की पूरी कोशिश में लगी हुई है। साथ ही पार्टियों में टिकट ना मिलने से नाराज कई राजनेता पार्टियों के इस्तिफा देकर विपक्ष में शामिल होने के दौर चालु रख रहे हैं। इस चुनावी तैयारियों के बीच योगी राज के उत्तर प्रदेश में जनता से चुनावी वादों की मीठी बोलियों के बीच गोलियों की बारिश हो होती नजर आ रही है।
दरअसल, लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख, असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने हाल ही में एक घटना में चुनाव पूर्व हिंसा का सामना किया क्योंकि उत्तर प्रदेश में अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। अज्ञात हमलावरों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बंद हापुड़ में स्थित एक टोल प्लाजा पर ओवैसी को निशाना बनाने का मौका लिया।

एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद यूपी के किठौर से मेरठ की ओर बढ़ते हुए दिल्ली जा रहे एक कार के अंदर उन पर हमला किया गया था। ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बताया कि फायरिंग के कारण उनकी कार के टायर पंक्चर हो गए लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई। जब होश संभाला तो हमलावर हथियार छोड़ कर घटना स्थल से भागने में सफल रहे।

जैसा कि उन्होंने कहा, कम से कम तीन से चार लोगों ने हैदराबाद के सांसद की कार पर चार राउंड गोलियां (4 Rounds Bullets Fired) चलाईं। हमले के वक्त ओवैसी अपनी कार से बाहर निकलने में कामयाब रहे, दूसरी कार में सवार हो गए और वहां से निकल गए।
पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि उनकी कार को छाजरसी टोल गेट पर तीन-चार हमलावरों ने गोली मारी और हथियार छोड़कर भाग गए। दिल्ली पहुंचने के बाद ओवैसी ने चुनाव आयोग से फायरिंग की घटना की विस्तृत और निष्पक्ष जांच का निर्देश देने की मांग की है। सांसद ने कहा कि यूपी सरकार (UP govt.) और मोदी सरकार (Modi govt.) को घटना की स्वतंत्र जांच कराने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।