गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद आज भी दिल्ली-एनसीआर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पुलिस के जवान मुस्तैद हैं। इस बीच लाल किला के आस-पास सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने एहतियात बरतते हुए आज लाल किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के गेट बंद कर दिए हैं। वहीं दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान संगठन दो फाड़ होते दिख रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के दो गुट कृषि कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन से अलग हो गए हैं। जिसके बाद दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर आंदोलन खत्म हो गया है। चिल्ला बॉर्डर का ये रास्ता 58 दिन से बंद था, जो आज खोल दिया गया है। नेशनल हाईवे 24 पर आज सुबह से आवागमन शुरू होने से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों को राहत मिली है।

वहीं 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में आरोपी ठहराए जा रहे पंजाब के कलाकार दीप सिद्धू ने फेसबुक पर लाइव आकर किसान नेताओं को खुली चेतावनी दी है। बार बार गद्दार कहे जाने से नाराज सिद्धू ने किसान नेताओं को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अंदर की बातें खोलनी शुरू कर दी तो इन नेताओं को भागने की राह नहीं मिलेगी। सिद्धू ने साफ कहा कि इस बात को डायलॉग न समझें। मेरे पास हर बात की दलील है। मानसिकता बदलो। दीप सिद्धू ने कहा कि उनके बारे में कई बातें कही जा रही हैं। ऐसे में वक्त आ गया है कि कुछ बातें स्पष्ट कर दी जाएं। दीप सिद्धू ने कहा कि युवाओं को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च की बात कहकर बुलाया गया था। बाद में किसान नेताओं ने दिल्ली में तय रूट पर परेड की बात कह दी। युवाओं ने इस पर रोष जाहिर किया तो किसान नेता वहां से किनारा कर गए। सिद्धू ने किसान नेताओं को अहंकारी बताया और कहा कि वे सरकार की भाषा बोलते हैं। दीप ने किसानों से एकता बनाए रखने की अपील की है।

ट्रैक्टर मार्च में हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने हिंसा के मामले में अबतक 37 किसान नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने किसान नेता दर्शन सिंह को नोटिस भेजकर तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। साथ ही एफआईआर में पंजाबी एक्टर दीप सिंधू और लक्खा सिधाना का नाम भी जोड़ा गया है। दीप सिंधू ने ही लाल किले पर खालसा पंत का झंडा फहराया था। किसान संगठनों के आंदोलन खत्म करने पर किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा है, जिन किसान संगठनों ने 26 जनवरी की हिंसा के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है वह अच्छी बात नहीं है। हिंसा के बाद किसान आंदोलन को झटका लगा है। हम आत्मचिंतन करेंगे। अब हमें लोगों को दोबारा से इकट्ठा करना पड़ेगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि उनका संगठन मौजूदा आंदोलन से अलग हो रहा है, क्योंकि वे ऐसे विरोध प्रदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकते जिसमें कुछ लोगों की दिशा अलग है।

कृषि कानूनों के विरोध में बागपत के बड़ौत शहर में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 19 दिसंबर से चले आ रहे किसानों के धरने को देर रात पुलिस ने जबरन उठवा दिया है। पुलिस ने धरने में सो रहे किसानों को खदेड़ दिया और टेंट को उखाड़ कर सामान भी वहां से हटवा दिया। वहीं हरियाणा के तीन जिलों में आज शाम तक इंटरनेट सेवा निलंबित रहेंगी। हरियाणा सरकार ने बुधवार को प्रदेश के तीन जिलों सोनीपत, झज्जर और पलवल में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 28 जनवरी को शाम पांच बजे तक निलंबित कर दी हंै। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि लोक व्यवस्था और शांति बनाये रखने के लिये यह निर्णय लिया गया है।