पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को देश से निकालने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को सरकार ने एक इस्लामिक पार्टी के प्रमुख साद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वहां हिंसा और भड़क गई है। जिसमें दो प्रदर्शनकारियों और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय मीडिया ने दी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गुलाम मोहम्मद डोगर ने बताया कि तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के प्रमुख साद रिजवी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके समर्थकों के साथ रात में हुई झड़पों में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लाहौर के पास शाहदरा कस्बे में झड़पों में 10 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को भी पंजाब से हिंसा की काफी भयावह तस्वीरें सामने आई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी व पॉलिटिकल एक्टिविस्ट रेहम खान ने भी पंजाब हिंसा की खौफनाक तस्वीरें व वीडियो ट्वीट की।

बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले साल नवंबर में क्लास में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाए जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया था। बाद में कार्टून दिखाने वाले टीचर की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मैक्रों ने टीचर का समर्थन किया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान में फ्रांस को लेकर नाराजगी है। तब से ही टीएलपी पार्टी फ्रांस के राजदूत को देश से निकालने की मांग कर रही है। नवंबर में ही पाकिस्तान सरकार और टीएलपी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें तय हुआ कि इस मसले को तीन महीने में संसद के जरिए सुलझाया जाएगा।

टीएलपी को इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी माना जाता है। टीएलपी ने फ्रांस के राजदूत को देश से निकालने और फ्रांस के साथ सारे रिश्ते खत्म करने के लिए 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। टीएलपी ने ये भी कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो जमकर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे, लेकिन उससे पहले ही मंगलवार को पुलिस ने टीएलपी के मुखिया अलामा साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद पाकिस्तान में हिंसा भडक़ गई है।