जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने के जारी दिशानिर्देशों के बावजूद लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे है और इस पर प्रतिदिन उनसे भारी जुर्माना वसूला जा रहा है। इस बीच केन्द्रशासित प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित सभी शिक्षण संस्थान तथा धार्मिक स्थल इस साल मई से बंद हैं। 

दूसरी ओर राजनीतिक रैलियां और सरकारी कार्यक्रम भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के साथ बिना मास्क पहने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में अधिकांश लोगों को बिना मास्क पहने घूमते देखा जा सकता है। 

केवल पांच प्रतिशत से कम आबादी ही कोरेाना दिशानिर्देशों का पालन कर रही है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और दूधपथरी जैसे विश्व प्रसिद्ध रिसॉट्र्स सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों में भी स्थिति गंभीर है। इन स्थलों पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बड़ी संख्या में बिना किसी कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करते देखा जा सकता है। 

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस कश्मीर घाटी में कोविड-19 दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले लोगों से औसतन प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख से तीन लाख का जुर्माना वसूल रही है। लेकिन, उन्होंने कहा कि जुर्माना लगाने से वांछित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। लोग अभी भी कोराना दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति चिंताजनक है क्योंकि सितंबर और अक्टूबर के बीच देश में तीसरी लहर आने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में कोरोना के 1078 सक्रिय मामले हैं।