गोरखलैँड मांग को लेकर पहाड़ पर हुई अशांति फैलाने के आरोप में विमल गुरूंग, आशा गुरूंग, व रोशन गिरी सहित आठ मोर्चा नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है। बाकी नेताओं में प्रकाश गुरूंग, अमृत योंजन, अशोक छेत्री, डीके प्रधान और तिलक रोका शामिल हैं।

बीते 9 जून को दार्जिलिंग सदर थाने में दर्ज केस के आधार पर सीआईडी ने इन आठ नेताओं के खिलाफ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है। सूत्रों के अनुसार केस नंबर 115/17 है। इसी बीच खबर है कि एक ऑडियो के जरिये विमल गुरूंग ने कहा है कि विनय तामांग और अनित थापा ने गलती की है और वे पार्टी में वापस आ जायें।

उधर, विनय तामांग ने दार्जिलिंग में एक शांति रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि मै सिक्किम नहीं जा सकता। विमल पहाड़ पर आये। यहां आंदोलन  जारी है। विमल यहां आये, आंदोलन करें, हम समर्थन करेंगे। लेकिन बाहर बैठकर करने से कुछ नहीं होगा।आपको बता दे गोरखालैंड मांग को लेकर पहले भी कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं और काफी समय से पहाड़ भी बंद है.