प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने भगोड़े कारोबारियों विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी की 9,371 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकारी बैंकों को सौंप दी है, ताकि उनके खिलाफ की गई धोखाधड़ी से हुई नुकसान की भरपाई हो सके। ईडी ने एक बयान में कहा कि माल्या, नीरव मोदी और चोकसी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ अपनी कंपनियों के माध्यम से धन की हेराफेरी की, जिससे बैंकों को कुल 22,585.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वित्तीय जांच एजेंसी ने कहा कि ईडी ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के असंख्य जालों का पता लगाकर और विदेशों में संपत्ति को छिपाकर त्वरित कार्रवाई की है। ईडी ने कहा, जांच ने यह भी साबित कर दिया है कि इन तीनों आरोपियों ने अपने द्वारा नियंत्रित नकली संस्थाओं का इस्तेमाल बारी-बारी से किया और बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए धन का गबन किया। ईडी ने 18,170.02 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क या जब्त की है जिसमें विदेशों में स्थित 969 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है। इसमें कहा गया है कि कुर्क की गई और जब्त की गई संपत्ति की मात्रा 22,585.83 करोड़ रुपये के कुल बैंक नुकसान का 80.45 प्रतिशत है। ईडी की जांच से साबित हुआ है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा नकली संस्थाओं के नाम पर था। ट्रस्ट, तीसरे व्यक्ति, इन आरोपियों के रिश्तेदार और ये संस्थाएं इन संपत्तियों को रखने के लिए इन आरोपियों के प्रॉक्सी थे।

मंगलवार को ईडी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने कहा, इन व्यक्तियों के लिए यूके और एंटीगुआ और बारबुडा को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे गए हैं। माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिया गया है और यूके उच्च न्यायालय द्वारा पुष्टि की गई है। चूंकि माल्या को यूके सुप्रीम में अपील दायर करने की अनुमति से वंचित कर दिया गया है, उसका भारत में प्रत्र्यण फाइनल हो गया है। इसने आगे कहा कि वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया है। नीरव मोदी भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर पिछले दो साल और तीन महीने से लंदन जेल में बंद है। इसमें कहा गया है कि नीरव मोदी और माल्या को भी मुंबई में पीएमएलए कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है।

 ईडी ने यह भी कहा कि हाल ही में, एजेंसी ने पीएमएलए स्पेशल कोर्ट, मुंबई के आदेश के अनुसार एसबीआई के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को 6,600 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों को स्थानांतरित कर दिया है। बयान के अनुसार, आज, एसबीआई के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम की ओर से डीआरटी ने यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड के शेयर 5,824.50 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की बिक्री से 800 करोड़ रुपये 25 जून तक प्राप्त होने की उम्मीद है। ईडी द्वारा दिए गए सहयोग और मदद के कारण, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पहले ही शेयरों को बेचकर 1,357 करोड़ रुपये की वसूली कर चुके हैं। ईडी ने कहा, इस प्रकार, बैंकों को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत ईडी द्वारा कुर्क / जब्त की गई संपत्ति के एक हिस्से की बिक्री के माध्यम से कुल 9,041.5 करोड़ रुपये की वसूली होगी। बयान के अनुसार, आज की तारीख में, पीएमएलए के प्रावधानों के तहत 18,170.02 करोड़ रुपये की कुल कुर्की या जब्त संपत्ति में से, 329.67 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है और 9,041.5 करोड़ रुपये की संपत्ति, जो बैंक को कुल नुकसान का 40 प्रतिशत है, को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सौंप दिया गया है।