उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता बरती जाय। योगी ने शुक्रवार को यहां अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता बरतना आवश्यक है। सभी स्थानों पर सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन किया जाय।


पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन को संचालन की स्थिति में रखा जाए। क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन को सेनिटाइज करके रखा जाए, ताकि आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके। योगी ने कहा कि कामगारों/श्रमिकों को राशन किट तथा एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाय। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों से प्रतिदिन सीधे संवाद कर कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखें।


उन्होंने कहा कि अस्पतालों में रोगियों को पीने के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराया जाए। एल-1 कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन तथा एल-2 श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में ऑक्सीजन तथा वेन्टीलेटर की व्यवस्था अवश्य हो। योगी ने कहा कि चिकित्सालयों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की जाय। बेड शीट आदि नियमित रूप से बदली जाए। डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ द्वारा नियमित राउण्ड लिया जाए। रोगियों को शुद्ध एवं सुपाच्य भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संक्रमित मरीजों की रिकवरी की गति तथा दर को बढ़ाने के लिए सभी सम्भव उपाय किए जाने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता तथा सर्विलांस की मदद से राज्य को संचारी रोग से होने वाली मृत्यु की दर में गिरावट लाने में सफलता मिली है। कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए यह भी आवश्यक है कि लोग इसके बचाव के सम्बन्ध में जागरूक तथा सजग रहें। उन्होंने निगरानी समितियों को सक्रिय रखते हुए सर्विलांस सिस्टम को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर से निरन्तर संवाद बनाए रखकर इन्हें प्रोत्साहित किया जाए।