त्रिपुरा विश्वविद्यालय, सिक्किम विश्वविद्यालय, राजीव गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्वभारती विश्वविद्यालय, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ, हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय समेत देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर के रिक्त पदों पर लंबे समय से नियुक्तियों के ना होने से इन विश्वविद्यालयों में रविवार को 18 से 41 फीसदी पद शिक्षकों के खाली पड़े हुए हैं। 

इन खाली पदों में सर्वाधिक पदों पर एससी, एसटी, ओबीसी व पीडब्ल्यूडी के शिक्षकों की नियुक्तियां होनी है। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजिज एससी, एसटी, ओबीसी टीचर्स एसोसिएशन के नेशनल चेयरमैन प्रो हंसराज सुमन ने बताया है कि इन विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर के चयन संबंधी सभी कमेटियों या सलेक्शन कमेटी बैठ चुकी है परंतु अभी तक विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर की नियुक्तियां नहीं की गई है।

 

उन्होंने कहा कि लंबे समय से मंत्रालय में फाइल लटकी हुई हैं, किसके भाग्य या कौन बनेगा वाइस चांसलर, तय नहीं किया गया है? उनका कहना है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर के पदों को लंबे समय से नहीं भरा जा रहा है। इन तमाम विश्वविद्यालयों में जहां  18 फीसदी से लेकर 41 फीसदी पद शिक्षकों का टोटा पड़ा हुआ है। जिन पर एडहॉक, टेम्परेरी, कांट्रेक्चुअल या गेस्ट टीचरों से पढ़ाया जा रहा है। वर्षों से ये शिक्षक पढ़ा रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय इन्हें कब परमानेंट अपॉइंटमेंट करेगा कोई पता नहीं । एचआरडी मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जल्द से जल्द वाइस चांसलर पदों को भरा जाएं। साथ ही लंबे समय से इन विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी, ओबीसी और विकलांगों का बैकलॉग व शॉटफाल है उन्हें भरा जाए।