ब्रुसेल्स। यूक्रेन में जारी रूसी सैन्य अभियान को देखते हुए अब तक आयोजित हुए प्रमुख शिखर सम्मेलनों में दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने इसके प्रति एकजुटता का प्रदर्शन किया है, जिसकी सूचना बीबीसी ने शुक्रवार को दी। नाटो रक्षात्मक गठबंधन, यूरोपीय संघ और दुनिया के सबसे अमीर देशों के जी-7 (G-7) समूह ने यूक्रेन में जारी संघर्ष के सिलसिले में ब्रुसेल्स में आपातकालीन शिखर सम्मेलन आयोजित किए। 

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इन सभी शिखर सम्मेलनों का मुख्य विषय संकट की इस घड़ी में यूक्रेन के साथ एकजुटता दिखाना था। इन बैठकों में दुनियाभर के नेताओं ने यूक्रेन को सैन्य और मानवीय सहायता पहुंचाने का वचन दिया। इस बीच, नाटो रक्षात्मक गठबंधन ने पूर्वी यूरोप में एक बड़ी संख्या में सैनिकों में वृद्धि को मंजूरी दी, जिसके तहत में स्लोवाकिया, हंगरी, बुल्गारिया और रोमानिया में अतिरिक्त सैनिक भेजे गए। 

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इस दौरान, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी ब्रुसेल्स में घोषणा की कि ब्रिटेन की तरफ से यूक्रेन को 6,000 मिसाइलें भेजे जाएंगे, साथ ही यूक्रेन को अपने सैनिकों के वेतन का भुगतान करने में मदद करने के लिए 2.5 करोड़ पाउंड की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। साथ ही विश्व के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि रूस रासायनिक या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है तो उन्हें इस पर जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा, इस बात का ख्याल रखे बिना कि इसका अंजाम क्या होगा। इस बीच, रूस ने भी पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया है कि वे चाहते हैं कि संघर्ष और तनाव जारी रहे।