गगनयान से अंतरिक्ष यात्रा पर जाने के लिए चार भारतीय ट्रेनिंग लेने जल्द ही रूस जाने वाले हैं। ट्रेनिंग के लिए चयनित भारतीय वायुसेना के इन टेस्टिंग पायलट्स के लिए खाने-पीने के सामान भी तैयार कर लिए गए हैं। मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लैबोरेट्री ने विशेष वैज्ञानिक प्रक्रिया से भोजन और पेय पदार्थ तैयार किया है। दरअसल, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) देश के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने की तैयारियों में जोर-शोर से जुटा है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई साल 2022 की डेडलाइन पूरा करने में जी-तोड़ कोशिशें कर रहा है।

पहली बार सामने आए फूड मेन्यू के मुताबिक, गगनयान में सवार होकर अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाले भारतीय गगनयात्रियों को एग रोल्स, वेज रोल्स, इडली, मूंग दाल का हलवा और वेज पुलाव दिए जाएंगे। गगनयात्री अंतरिक्ष में तरल पदार्थ के रूप में अपने साथ पानी और जूस ले जाएंगे। गगनयान में खाना गर्म करने के लिए हीटर की सुविधा भी उपलब्ध की जाएगी। चूंकि स्पेस में पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण क्षमता क्षीण हो जाती है, इसलिए गगनयान में विशेष तरह के बर्तन भी तैयार किए गए हैं, जिनमें अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खाने-पानी की वस्तुएं रखी होंगी।

पीएम ने लाल किले से किया था एलान

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को लाल किले से एलान किया था कि भारत आने वाले समय में स्पेस के क्षेत्र में मजबूती से कदम बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत 2022 में अपने किसी बेटे या बेटी को अंतरिक्ष में भेजेगा। पीएम मोदी ने लालकिले से ही इस अभियान को गगनयान नाम भी दिया। इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने बताया कि चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जा चुका है, जो रूस में ट्रेनिंग लेंगे। उन्होंने कहा कि गगनयान के लिए नेशनल एडवाइजरी कमेटी बनाई गई है।

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