कोरोना वायरस संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए इस समय पूरी दुनिया में लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। कोरोना का पहला टीका हो या दूसरा शॉट, COVID-19 वैक्सीन की प्रभावकारिता को अधिकतम करने के लिए कुछ गाइडलाइनों का पालन करना भी जरूरी बताए गए हैं। वैक्सीन को लेकर विशेषज्ञ विस्तार से बताते हैं कि व्यक्तिगत कारक, जैसे कि आप कितनी अच्छी तरह से आराम करते हैं या आप कितने तनाव में हैं, इसका भी COVID-19 वैक्सीन की प्रभावकारिता पर असर पड़ता है। आइए जानते हैं किस समय वैक्सीन लेने से मिलते हैं अधिक फायदे।

हमारे पास जो अधिकांश टीके हैं, उनमें प्रभावकारिता का एक रिमार्केबल रेट है और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। हालांकि, कुछ जोखिम कारक और स्थितियां हैं जैसे कि कमजोर इम्यूनिटी जो COVID-19 टीकों की प्रभावकारिता को कम करती है। नए शोधों से पता चला है कि एक टीके की वर्क एबिलिटी और डोज लेने वाले के समय के बीच एक स्पष्ट लिंक हो सकता है। इसका अर्थ है कि वैक्सीनेशन के टाइम से किसी तरह इम्यून सिस्टम का रिएक्शन निर्धारित किया जा सकता है।

हमारी इम्युनिटी एक रनिंग सिस्टम है, जो हमारे बचाव का काम करती है, फिर चाहे हमें सुबह या रात में किसी भी वक्त संक्रमण हो जाए। हालांकि, हमारे शरीर के अंग दिन और रात में अलग-अलग तरह से काम करते हैं या प्रतिक्रिया करते हैं। इसका मुख्य कारण हमारी बॉडी क्लॉक है। हमारी इम्यूनिटी सेल्स पूरे दिन स्पेसिफिक फंक्शन करती हैं।

कोशिकाएं बॉडी पर अटैक करने वालों पर नजर रखती हैं और नुकसान को जड़ से खत्म करती हैं। बॉडी क्लॉक और कोशिकाओं की सर्कैडियन लय (circadian rhythm) भी लगातार विकसित होती है ताकि बेहतर कार्य कर सकें और सही समय पर संक्रमण पर अटैक कर सकें। इसलिए, यह माना जाता है कि इम्यून सिस्टम पर बॉडी क्लॉक के कंट्रोल के साथ मामूली अंतर हो सकता है।

टीकाकरण के कुछ टाइम बाद ही डोज के साइड-इफेक्ट्स शुरू हो जाते हैं। इसलिए अपनी तय वक्त पर वैक्सीन लेने से पहले अधिकतम नींद लेने से भी यह सुनिश्चित होगा कि आप अच्छी तरह से आराम कर रहे हैं और दुष्प्रभावों को बेहतर तरीके से मैनेज करने में सक्षम हैं। पर्याप्त नींद न लेने से आपको तनाव हो सकता है और आप सामान्य से अधिक बीमार और थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इसलिए, जब आप टीका लगवाने के लिए जाएं तो अच्छी नींद लेना सुनिश्चित करें।

कुछ शोधों से यह भी पता चला है कि एक निश्चित समय पर लगाए गए टीके बेहतर काम करते हैं और इसलिए बॉडी क्लॉक को इफेक्ट करते हैं। कोविड वैक्सीन के अलावा भी बाकी दूसरी वैक्सीन में भी यही होता है। 2016 में किए गए अध्ययनों से पता चला है कि ओल्डर एडल्ट यानी वृद्ध लोगों द्वारा सुबह के वक्त लगवाए हए इन्फ्लूएंजा टीकों (influenza vaccines) की एंटीबॉडीज बेहतर प्रतिक्रिया की थीं।

वैज्ञानिक तौर पर हमारी बॉडी क्लॉक द्वारा संचालित बेहतर इम्यूनिटी रिएक्शन नींद के कारण हो सकती है। आप जितना अधिक आराम करते हैं और आपको अच्छी नींद आती है उतने ही बेहतर तरीके से प्रतिरक्षा कोशिकाएं सक्रिय हो जाती हैं। वहीं अगर आप दिन के वक्त टीका लगवाते हैं तो खुराक साइड इफेक्ट का जबरदस्त तरीके से मुकाबला करती है।

मुख्य संदेश यह है कि जब भी आप कर सकते हैं वैक्सीन की अपनी खुराक प्राप्त करते हैं तो इससे होने वाले दुष्प्रभावों का सामना करने के खुद को तैयार करें। क्योंकि कुछ टीके अधिक दुष्प्रभावी माने जाते हैं, लिहाजा कुछ एहतियाती कदम हैं जो प्रत्येक टीकाकरण लाभार्थी को ठीक महसूस करने के लिए उठाने चाहिए ताकि वैक्सीन अपना काम अच्छी तरह से कर सके।