देश में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है। रविवार को बीते 24 घंटों में डेढ़ लाख से ज्यादा नए कोरोना के मरीज मिले हैं। इस बीच कोविड टीकाकरण अभियान की रफ्तार तेज करने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। देश में आज से टीका उत्सव शुरू हो रहा है, इसी चरण में 11 अप्रैल यानी आज से सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

देश में कोरोना वायरस की दूसरी रफ्तार के बीच रविवार को कार्यस्थलों पर कोविड टीकाकरण शुरू हो रहा है। इसके तहत सरकारी और निजी दफ्तरों में कोविड टीके के लिए पात्र सभी कर्मचारियों को वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कार्यस्थलों पर टीकाकरण की सुविधा कर्मचारियों को बाहर निकलने से रोकने में कारगर साबित होगी। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोविड का टीका लगाकर कोरोना के खतरे से बचाया जा सकेगा। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश के मुताबिक, उन दफ्तरों में कोरोना टीकाकरण का काम शुरू किया जाएगा, जहां कम से कम 100 लोग इसे लेने के लिए तैयार होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बाबत अलग-अलग राज्य सरकारों को सर्कुलर भेज दिया। दफ्तरों में इसके लिए कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (सीवीसी) बनाए जाएंगे।

कार्यस्थलों पर टीकाकरण के लिए हर जिले में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (डीटीएफ) बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। इसी तरह निगम अध्यक्ष की अगुवाई में शहरों में अर्बन टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इनकी देखरेख में जिलावार सरकारी और निजी दफ्तरों में टीकाकरण किया जाएगा। कंपनियां इसके लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त करेंगी, जो जिला स्वास्थ्य अधिकारी या निजी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर से संपर्क कर टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। 

दफ्तरों में ठीक से वैक्सीनेशन कराने की जिम्मेदारी नोडल ऑफिसर पर है। वैक्सीन के लिए पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनका रजिस्ट्रेशन करना और उसके बाद कोरोना वैक्सीन लगवाने जैसे कार्यों की देखरेख नोडल अधिकारी करेंगे। जिन दफ्तरों में टीकाकरण होना है, उनकी पहचान होने के बाद पूरी डिटेल कोविन ऐप पर रजिस्टर की जाएगी। यह काम सरकारी और निजी दफ्तरों को समान रूप से करना होगा।