केंद्र ने राज्यों को दिए निर्देश दिए हैं कि बुजुगों और बीमारों को मार्च से कोरोना के टीके लगाना शुरू किए जाएं। हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर्स के बाद अब आम जनता को कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी हो रही है। अगले महीने यानी एक मार्च से 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ बीमार लोगों का टीकाकरण शुरू हो सकता है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य सभी प्रकार के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक पैमाने पर टीकाकरण की तैयारियां करें, क्योंकि मार्च में 50 साल से अधिक और बीमार लोगों का वैक्सीनेशन शुरू किया जाना है।
स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र में राज्यों से कहा है कि वे एक मार्च से सभी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की तैयारी शुरू करें। इनमें अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप केंद्र तक शामिल हैं। टीकाकरण के लिए इन केंद्रों में आवश्यक कोल्डचेन तैयार करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सप्ताह में कम से कम चार दिन कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाए और एक मार्च से यह विस्तारित स्वरूप में हो।

मुख्य सचिवों को कहा गया है कि वह स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था और 18 फरवरी को एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि काफी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता अभी टीका लगाने नहीं आए हैं। इसलिए यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे सभी लोगों को टीका लगाया जाए।

भूषण ने कहा कि 50 साल से अधिक उम्र को पंजीकृत करने के लिए कोविन में भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि देश में 50 साल से अधिक उम्र के एवं बीमार व्यक्तियों की संख्या करीब 27 करोड़ के करीब होने का अनुमान है। वहीं, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में अचानक से तेजी देखने को मिली है। इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही भी है।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने महाराष्ट्र सरकार को फिर से मुसीबत में डाल दिया है। सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत पुणे जिला प्रशासन ने कुछ पाबंदियां लागू करने का फैसला किया है, जिसमें रात 11 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लोगों के गैर-जरूरी आवागमन पर प्रतिबंध शामिल है। राज्य सरकार ने कहा कि कंटेनमेंट जोन का निर्माण, COVID-19 देखभाल केंद्रों की फिर से स्थापना, संक्रमितों के संपर्क में आए व्यक्तियों का पता लगाना और जांच में वृद्धि करके संक्रमण को रोकने के प्रयास किए जाएंगे। आंकड़ों के अनुसार शनिवार को पुणे डिवीजन में कोरोना के 998 नए मामले सामने आए, और नौ मरीजों की मौत हुई।