उत्तरकाशी के बड़कोट में खरसाली गांव में सोमेश्वर देवता के यज्ञ कार्यक्रम में भोजन और फलाहार खाने से 50 से अधिक ग्रामीण फूड प्वॉइजनिंग के कारण बीमार हो गए हैं। गंभीर रूप से बीमार लोगों को ग्रामीणों ने सीएचसी बड़कोट तथा सीएचसी नौगांव में भर्ती कराया। जबकि शेष ग्रामीणों का चिकित्सकों की टीम द्वारा गांव में ही उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों ने सभी बीमार गामीणों को खतरे से बाहर बताया है।

मां यमुना के शीतकालीन प्रवास नौगांव ब्लॉक के खरसाली गांव में स्थानीय ईस्ट सोमेश्वर देवता का पांच दिवसीय यज्ञ अनुष्ठान चल रहा है। शनिवार को इस दौरान पूजा के बाद यहां मौजूद ग्रामीणों ने सामूहिक भोज/फलाहार किया। भोजन करने के कुछ देर बाद ग्रामीणों को उल्टी व दस्त की शिकायत होने लगी। उल्टी और दस्त से पीड़ित 50 से अधिक लोग बीमार हो गए।

जिनमें से ग्रामीणों द्वारा गंभीर बीमार 6 लोगों को सीएचसी बड़कोट में भर्ती कराया गया तथा 5 लोगों को सीएचसी नौगांव में भर्ती कराया गया। वहीं गांव से फूड प्वाइजनिंग की सूचना मिलते ही चिकित्सकों की टीम खरसाली पहुंची, जहां चिकित्सकों द्वारा बीमार लोगों का इलाज किया जा रहा है। बड़कोट चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित भंडारी और डा. पवन रावत का कहना है कि खरसाली गांव के फूड प्वॉइजनिंग से प्रभावित सभी ग्रामीण खतरे से बाहर हैं।

सभी का उपचार समय पर होने से अब स्तिथि सामान्य हो रही है। फूड प्वॉइजनिंग के कारणों का पता किया जा रहा है। शाम को सीएचसी बड़कोट में भर्ती बीमार दो लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई तथा अन्य लोगों का उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया सभी बीमार ग्रामीण खतरे से बाहर हैं लेकिन उपचाराधीन हैं।