उत्तराखंड रक्षा अभियान के संरक्षक स्वामी दर्शन भारती ने आगाह किया कि अगर बाहरी घुसपैठ नहीं रुकी, तो अगले 10 साल में उत्तराखंड के कश्मीर और असम जैसे हालात हो जाएंगे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि सऊदी अरब में बैठे वहाबी और सलाफी कट्टरपंथियों की योजना के तहत भारत में  इस्लामीकरण की साजिश हो रही है। इस योजना में उत्तराखंड प्रमुख केंद्रों में एक है। 

उन्होंने दावा किया कि इसके तहत ही अभी तुंगनाथ में संयुक्त अरब अमीरात के कारोबारी ने भगवान तुंगनाथ के गर्भगृह में दर्शन किए। इसके साथ ही भंडारा भी कराया गया। यह सब दिखावा है। इसके पीछे उत्तराखंड में वहाबी इस्लाम का फैलाव करने की साजिश है।

स्वामी ने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में बाहर के मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। वे कट्टरवाद का जहर फैला रहे हैं। यहां तक कि पर्वतीय मूल के मुस्लिमों के मानस को बदलने की भी कोशिश हो रही है। देवभूमि की जनसांख्यिकी में तब्दीली आ रही है। 

दूसरे प्रदेशों का मुस्लिम माफिया देवभूमि में जमीन व प्राकृतिक संसाधन पर कब्जा करवा रहा है। बेनामी संपत्तियां खरीदी जा रही हैं। गैरसैंण में जमीन की खरीद-फरोख्त से पाबंदी हटाना बहुत खतरनाक होगा।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह उदासीन है। मुख्यमंत्री की खामोशी व उदासीनता समझ से परे है। इसलिए, उत्तराखंड रक्षा अभियान इस्लामीकरण अभियान को रोकने के लिए संघर्ष करेगा। इसमें जेल जाना पड़े, तो वे अनेक बार जेल जाने का तैयार हैं।

उन्होंने भाजपा विधायक कुवंर प्रणव के वीडियो में उत्तराखंड के बारे में कही गई अशिष्ट भाषा की कड़ी निंदा की। इस मौके पर अभियान के संयोजक हरिकृष्ण किमोठी, संदीप खत्री, सुरजीत सिंह नेगी, रणजीत ठाकुर, जगदीश भट्ट, जयवर्धन सिंह, सुरेंद्र नौटियाल, मुन्ना बजरंगी, मुकुल तोमर, अनिरुद्ध चौधरी, राहुल सूद आदि मौजूद थे।