उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का राजनीतिक पार्टियां अपने सारे बिगड़ते कामों पर पर्दा डालते हुए विकास की फिल्म दिखाने में लगी है। इस कड़ी में सबसे बड़ा किरदार हरक सिंह रावत का है जो काफि सुर्खियां बटोर रहे हैं। हमेशा विवादों से घिर रहने वाले हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) फिर से अपने ही किए पर विवादों में आ गए हैं। बता दें कि राजनीति के सफर में उनके कई कर्मकांड सामने आए हैं।

हाल ही में इन्हीं विवादों के बीच हरक सिंह (Harak Singh Rawat) के कारण यूपी के बाद उत्तराखंड में भी भाजपा को तगड़ा झटका लगाने वाला है। धामी कैबिनेट में शामिल हरक सिंह आज भाजपा विपक्ष कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। जिससे बीजेपी ने हरक को पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले यूपी से भी कुछ नेताओं ने भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। 2003 से लेकर 2014 तक हरक की राजनीति परख--2003 में जैनी (Jani) नाम की महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। जैनी ने कहा था कि हरक सिंह रावत ही उसके बच्चे के पिता हैं। DNA Test भी कराया गया था, लेकिन डीएनए रिपोर्ट का खुलासा ना करते हुए मामला रफादफा कर दिया गया।-2012 के विधानसभा चुनाव में हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने एक बयान को लेकर विवादों उलझे। उन्होंने कहा कि मंत्री पद को मैं अपने जूते की नोक पर रखता हूं।
-2013 में मेरठ निवासी एक महिला ने हरक पर शरीरिक शोषण (physical abuse) का आरोप लगाया।
-2014 में मेरठ की रहने वाली महिला ने दिल्ली के सफदरजंग थाने में ही हरक सिंह के खिलाफ दुष्कर्म (rape) का मामला दर्ज कराया था लेकिन यह मामला भी रफादफा हो गया।