उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की कवायद में आंशिक कोरोना कर्फ्यू की मियाद सरकार ने एक बार फिर बढ़ाते हुये 24 मई सुबह सात बजे तक कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार शाम वर्चुअल मंत्रिमण्डल की बैठक में आंशिक कोरोना कर्फ्यू को 24 मई की सुबह सात बजे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। 

योगी ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके मद्देनजर इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है। उन्होने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं तथा दो किलो चावल नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी। 

इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कफ्र्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जायेगी। आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा को छोडकऱ, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से आनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दो योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर दो लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा पांच लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है। गौरतलब है कि यह चौथा मौका है जब सरकार ने आंशिक कोरोना कर्फ्यू की अवधि को विस्तार दिया है। पंचायत चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद पहली बार साप्ताहिक बंदी को 30 अप्रैल से तीन मई के लिये बढ़ाया गया था जबकि बाद में इसे आंशिक कोरोना कर्फ्यू का नाम देकर 10 मई तक बढाया गया और बाद में इसकी अवधि 17 मई सुबह सात बजे तक कर दी गयी थी।