बरेली में एक मुस्लिम धर्मगुरु ने एक सलाह जारी की है कि मस्जिदों की सफाई शराब आधारित सैनिटाइजर से नहीं की जानी चाहिए। ऑल इंडिया तन्जीम उलमा ए इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन ने मस्जिद की सफाई के लिए अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी विंग के तहत सभी मस्जिदों को एक एडवाइजरी जारी की।

उन्होंने कहा, मस्जिदों की साफ-सफाई हमारे लिए बहुत महत्व रखती है। सरकार ने जगह को साफ करने के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया है। स्वच्छता का मतलब है धुलाई। आदेश के संबंध में हमने सर्फ (डिटर्जेंट और अन्य साधनों) का उपयोग करके मस्जिदों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए सलाह जारी की है। शहाबुद्दीन ने कहा, "मस्जिदों की सफाई डिटर्जेंट, शैंपू, कुछ रसायनों आदि के उपयोग से की जानी चाहिए क्योंकि इस्लाम में शराब (सैनिटाइटर जैसे अल्कोहल पर आधारित उत्पाद) का उपयोग वर्जित है।