उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस वक्त भगवा आंधी चल रही है। अभी तक भारतीय जनता पार्टी 267 सीटों पर बढ़त बना चुकी है। वहीं 131 सीटों पर समाजवादी पार्टी आगे चल रही है। कांग्रेस को महज एक सीट पर बढ़त मिली है। इस बीच मायावती की बसपा का सबसे बुरा हाल हुआ है। 2017 के मुकाबले बसपा को 17 सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आलम यह है कि सीटों के मामले में मायावती की पार्टी राजा भैया की नई नवेली पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के समकक्ष हो गई है। मायावती की पार्टी महज 1 सीट पर आगे चल रही है, जबकि जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख राजा भैया भी अपनी सीट से आगे चल रहे हैं। बसपा को पिछले चुनाव में 19 वोट मिले थे। 

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वोट फीसदी के मामले में भी बसपा को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। पिछले चुनाव में पार्टी को 22.2 फीसदी वोट मिले थे। पार्टी वोट शेयर के मामले में दूसरे नबंर पर थी। सपा तीसरे नंबर की पार्टी थी। लेकिन इस बार बसपा को करीब 13 फीसदी वोट ही मिले हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में गुरुवार को चल रही मतगणना का पहला परिणाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में गया है। भाजपा ने पीलीभीत जिले की बरखेड़ा सीट जीत ली है। 

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जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा घोषित चुनाव परिणाम के अनुसार बरखेड़ा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार स्वामी प्रवक्तानंद ने पूर्व मंत्री और सपा प्रत्याशी हेमराज वर्मा को 81,838 मतों के भारी अंतर से हराया। स्वामी प्रवक्तानंद को 1,51,498 मत मिले, जबकि हेमराज को 69660 मत मिले। जिले की शेष चारों सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं।