ऑन डिमांड गाड़ियां चोरी करवाने वाले वाहन चोर के गिरोह को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गैंग दिल्ली एनसीआर से बड़ी संख्या में गाड़ियां चोरी कर मणिपुर भेज रहा था। मणिपुर से डिमांड आने के बाद गाड़ी चोरी की जाती थी फिर उसके फर्जी दस्तावेज बनाकर फ्लाइट से यहां लाए जाते थे, जिसके बाद उन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर गाड़ी को सड़क के रास्ते मणिपुर पहुंचाया जाता था।

हालांकि मणिपुर का साथी जिसके डिमांड पर गाड़ियां चोरी की जा रही थी वह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। लिहाजा अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि मणिपुर में इन गाड़ियों को कहां पर बेचा जाता है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने करीब एक हजार से अधिक गाड़ियां दिल्ली एनसीआर से चुराई हैं। पकड़े गए आरोपित के पास से एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 3 बाइक और एक स्कूटी भी बरामद की है, जो वाहन चोरी करने से पहले रेकी में इस्तेमाल की जाती थीं।

आरोपी के खिलाफ दिल्ली एनसीआर में 31 मामले दर्ज


एएसपी अमित कुमार ने बताया है कि सेक्टर-44 में सोमवार को पकड़े गए वाहन चोर की पहचान संभल के रहने वाले अरकान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ दिल्ली एनसीआर में 31 मामले दर्ज हैं। आरोपित 2008 से वाहन चोरी, लूटपाट व डकैती जैसी घटनाओं में शामिल रहा है। संभल में उस पर 20 लाख रुपये की डकैती की वारदात का भी आरोप है। हत्या के प्रयास के मामले में वह जेल भी जा चुका है।


2012 में मणिपुर के चोर से हुई मुलाकात

2012 में दिल्ली के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद होने के बाद अरकान की मुलाकात मणिपुर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह के एक सदस्य अरमान से हुई। इसके बाद अरकान बाहर आकर चोरी की गाड़ियों को अरमान के बताए ठिकानों पर मणिपुर भेजने लगा। इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामिंग वाले एक उपकरण से आरोपित महज दो मिनट के अंदर किसी भी गाड़ी को अनलॉक कर देते थे।


एेसे करते थे काम

अरकान ने गाड़ी चोरी करने के लिए अलग से वाहन चोर रखे हुए थे, जिनका सरगना परवेज नाम का शख्स है। जबकि गाड़ी को मणिपुर पहुंचाने के लिए अलग ड्राइवर थे। चोर गाड़ी चुराने के बाद किसी भी बताई हुई पार्किंग में खड़ी कर देते थे। इसके बाद फ्लाइट से मणिपुर से अरमान या उसके गुर्गे चोरी की गाड़ी के बनाए हुए फर्जी दस्तावेज लेकर यहां आते और अरकान को सौंपकर वापस लौट जाते थे। इसके बाद अरकान के ड्राइवर फर्जी दस्तावेजों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चोरी की गाड़ी को सड़क के रास्ते मणिपुर पहुंचाते।


इन गाड़ियाें की सबसे ज्यादा है डिमांड
पूछताछ में अरकान ने बताया है कि सबसे ज्यादा डिमांड नई क्रेटा और स्विफ्ट गाड़ी की सबसे ज्यादा डिमांड है। क्रेटा गाड़ी करीब 5 लाख रुपये व स्विफ्ट कार करीब ढ़ाई लाख रुपये में आसानी से वहां बिक जाती है। वाहन चोरों व ड्राइवरों को हर गाड़ी के लिए 10 परसेंट कमीशन दिया जाता है। इस धंधे में आने के 5 साल में ही अरकान करोड़पति बन गया। जबकि उसे पढ़ना लिखना भी नहीं आता है।


शातिर गिरोह

अरकान का गिरोह इतना शातिर है कि उसका मोबाइल फोन एक घंटे बंद रहने पर सभी साथी अपने फोन बंद करके अंडरग्राउंड हो जाते हैं। गिरफ्तारी के समय पुलिसकर्मियों के पीछा करने के दौरान अरकान का मोबाइल फोन नाले में गिर गया। पकड़े जाने के बाद जब पुलिस ने उसे गिरोह के अन्य साथियों के बारे में बताने को कहा तो उसने बताया कि एक घंटे उसका फोन बंद रहने पर सभी छिप जाते हैं, इसके लिए उसने उन्हें पहले ही कहा हुआ है।